दिसंबर तक सारंडा क्षेत्र से माओवादियों काे खत्म करें

Updated at : 07 Nov 2017 2:47 AM (IST)
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दिसंबर तक सारंडा क्षेत्र से माओवादियों काे खत्म करें

चाईबासा पहुंचे डीजीपी डीके पांडेय, अफसरों को दिये निर्देश चाईबासा : डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान 2017 तक झारखंड को नक्सली मुक्त बनाने का लक्ष्य याद दिलाया, साथ ही पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को दिसंबर तक सारंडा को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य लेकर चलने का निर्देश किया. उन्होंने कहा कि माओवादी कमजोर […]

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चाईबासा पहुंचे डीजीपी डीके पांडेय, अफसरों को दिये निर्देश

चाईबासा : डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान 2017 तक झारखंड को नक्सली मुक्त बनाने का लक्ष्य याद दिलाया, साथ ही पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को दिसंबर तक सारंडा को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य लेकर चलने का निर्देश किया. उन्होंने कहा कि माओवादी कमजोर हैं, वे छोटी टुकड़ी में घूम रहे है. संदीप की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम सिंहभूम पुलिस के लिये यह टारगेट और आसान हो गया है. पुलिस लगातार माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाये. संदीप के बाद किशन जी, चमन उर्फ लंबू, मोछू, जीवन कांडूलना को गिरफ्तार करने का टारगेट लेकर चाईबासा पुलिस चले. उन्होंने इस लक्ष्य को पाने के लिये पश्चिम सिंहभूम पुलिस द्वारा बनाये गये प्लान की जानकारी ली. कई तरह के दिशा निर्देश जारी किये.
मौके पर एडीजी अनुराग गुप्ता, आइजी ऑपरेशन आशीष बतरा, आइजी सीआरपीएफ संजय आनंद लाटकर, डीआइजी कोल्हान साकेत कुमार सिंह, डीआइजी सीआरपीएफ रजीव राय, एसएसपी जमशेदपुर अनूप टी मैथ्यू, एसपी अनीश गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
संदीप की गिरफ्तारी का डीजीपी ने देखा प्रेजेंटेशन : चाईबासा पहुंचे डीजीपी डीके पांडे ने पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग करने से पहले संदीप की गिरफ्तारी का प्रेजेंटेशन देखा. उन्होंने मैप के जरिये जाना कि पुलिस ने सारंडा व कोल्हान के किस जगह से संदीप की गिरफ्तारी की. गिरफ्तारी के दौरान वहां के हालात के बारे में उन्होंने एसपी अनीश गुप्ता से जानकारी ली.
पुलिस को संदीप की सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन में क्या निर्णय लिया, संदीप को कैसे घेरा गया, गिरफ्तारी के बाद उत्पन्न हुये हालात, उससे निपटने के लिये पुलिस का प्लान, भीड़ के बीच से संदीप को उठाकर लाने के दौरान उत्पन्न हालात, इन सब के बारे में डीजीपी ने विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने एसपी, एएसपी, एसडीपीओ किरीबुरू की टीम द्वारा किये वीरतापूर्ण कार्य के लिये उन्हें शाबाशी दी. उक्त राशि के अलावा उन्होंने पांच-पांच हजार
रुपये की अतिरिक्त राशि ऑपरेशन टीम में शामिल छह जवानों को दी. इसके अलावा टीम को संदीप दा पर रखे झारखंड सरकार के 25 लाख ओड़िशा सरकार के 20 लाख का इनाम भी मिलेगा. इस अवसर पर उन्होंने टीम नेतृत्व करने वाले डीआइजी साकेत कुमार सिंह समेत पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.
संदीप को गिरफ्तार करने वाली टीम को ढाई लाख का ईनाम
संदीप को गिरफ्तार करने वाली टीम को डीआइजी डीके पांडेय ने ढाई लाख का नगद इनाम दिया. संदीप को पकड़ने वाली टीम में पुलिस अधीक्षक अनीश कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अभियान मनीष रमन, अनुमंडल पदाधिकारी किरीबुरू मो तौकीर आलम, सुखलाल सरदार, दिनेश कुमार नायक, राजू सोय, साइक्लोन खाखा, प्रभात माझी व देवेंद्र महतो शामिल हैं.
सारंडा के विकास में सबसे बड़ा बाधक था संदीप दा
बैठक में डीजीपी ने कहा कि संदीप दा सारंडा के विकास में सबसे बड़ा बाधक रहा है. उन्होंने कहा, ‘वह सारंडा के ग्रामीणों तक विकास की धारा पहुंचने नहीं दे रहा था. उसकी गिरफ्तारी चाईबासा पुलिस के लिये बड़ी सफलता है.’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि माओवादी अब भी सारंडा क्षेत्र में विकास के लिए तैयार किये गये स्कूल, रोड, पुल-पुलियाओं आदि को उड़ा दे रहे हैं.
विकास योजनाओं को सुरक्षा देना पुलिस का लक्ष्य: डीजीपी पांडेय ने कहा प्रशासन की टीम विकास की मुहिम में जुटी है, जबकि पुलिस विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने की मुहिम को सुरक्षा प्रदान कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य किसी भी हाल में सरकार की योजना को सुरक्षा देते हुये उन्हें जनता के बीच पहुंचाना है और इसमें बाधक बनने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा
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