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ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक को मिला उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार, बोले-कला को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

Updated at : 16 Feb 2023 9:19 PM (IST)
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ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक को मिला उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार, बोले-कला को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के रहने वाले हैं. इन्हें 2020 का उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से नवाजा गया है. जगदीश बड़ाईक ने कहा कि इससे झारखंड की कला को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी.

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सिमडेगा, रविकांत साहू. झारखंड के ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से नवाजा गया है. नई दिल्ली के रवींद्र भवन में मेघदूत थियेटर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने श्री बड़ाईक को सम्मानित किया. जगदीश बड़ाईक ने सम्मान मिलने के बाद कहा कि बचपन से ही नागपुरी गायिकी से उन्हें काफी लगाव था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण काफी दिक्कतें होती थीं. विपरीत हालात में भी उन्होंने गायिकी नहीं छोड़ी. इस सम्मान से झारखंड की कला को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी.

नागपुरी संस्कृति एवं भाषा को देना है संरक्षण

ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के रहने वाले हैं. इन्हें 2020 का उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से नवाजा गया है. जगदीश बड़ाईक ने कहा कि इससे झारखंड की कला को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी. उन्होंने बताया कि नागपुरी संस्कृति एवं भाषा को संरक्षण प्रदान करना उनकी गायिकी का मुख्य उद्देश्य है.

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सम्मान मिलने की खुशी

नई दिल्ली के रवींद्र भवन में मेघदूत थियेटर में केंद्र सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री किशन रेड्डी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. ठेठ नागपुरी गायक जगदीश बड़ाईक को वर्ष 2020 का उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से नवाजा गया. सम्मान पाकर कलाकार जगदीश बड़ाईक काफी खुश हैं. वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

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विपरीत हालात में भी नहीं छोड़ी गायिकी

जगदीश बड़ाईक ने कहा कि इससे झारखंड की कला को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी. उन्होंने बताया कि नागपुरी संस्कृति एवं भाषा को संरक्षण प्रदान करना उनकी गायिकी का मुख्य उद्देश्य है. बचपन से ही नागपुरी गायिकी से उन्हें काफी लगाव था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण काफी दिक्कतें होती थीं. विपरीत हालात में भी उन्होंने गायिकी नहीं छोड़ी.

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