सिमडेगा. उपायुक्त कंचन सिंह की उपस्थिति में समाहरणालय सभागार में नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारी व कर्मियों का एकदिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य जन्म व मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी व समयबद्ध बनाना है. उपायुक्त ने कहा कि जन्म व मृत्यु का पंजीकरण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों को निर्देश दिया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये तथा निर्धारित समय सीमा के अंदर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाये. उन्होंने कहा कि सही व अद्यतन आंकड़े शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन व नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सभी रजिस्ट्रार से एक वर्ष में पंजीकृत डेटा मंगाने का निर्देश दिया गया. उन्होंने हर माह की जन्म व मृत्यु में निबंधन होने वाला डाटा उपलब्ध कराने की बात कही. प्रशिक्षण सत्र के दौरान जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, नियमावली, ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली, डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया, प्रमाण पत्र निर्गमन, विलंबित पंजीकरण तथा त्रुटि सुधार से संबंधित जानकारी दी गयी. साथ ही व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के बारे में मार्गदर्शन किया गया. कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों व शहरी क्षेत्रों से आये पदाधिकारियों व कर्मियों ने भाग लिया. अंत में संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने व नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करने का निर्देश दिया गया. मौके पर अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र, सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत अन्य उपस्थित थे.
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