कोलेबिरा. कोलेबिरा स्टेडियम परिसर में राष्ट्रीय राजमार्ग 320 जी (कोलेबिरा–हाटगम्हरिया मार्ग) के चौड़ीकरण परियोजना को लेकर ग्रामसभा की गयी. ग्रामसभा का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण की जद में आने वाले ग्रामीणों की रैयती भूमि और मकानों के मुआवजा की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना था. बैठक में अंचल कार्यालय कोलेबिरा की ओर से अंचल निरीक्षक संजीवन बड़ाइक तथा संबंधित राजस्व कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को सड़क चौड़ीकरण से जुड़े तकनीकी पहलुओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी. ग्रामीणों को बताया गया कि एनएच-320जी के विस्तारीकरण के लिए कितनी भूमि चिन्हित की गयी है और सीमांकन किस आधार पर किया गया है. बैठक में ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता मुआवजा को लेकर सामने आयी. अंचल निरीक्षक संजीवन बड़ाइक ने स्पष्ट किया कि जिनकी जमीन या निर्मित संरचनाएं सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही हैं, उन्हें सरकारी प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जायेगा. वहीं राजस्व कर्मचारियों ने रैयतों को अपने भू-स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज खतियान, रसीद, वंशावली आदि तैयार रखने का निर्देश दिया, ताकि मुआवजा भुगतान में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आये. ग्रामीणों ने मांग की कि मुआवजा का निर्धारण वर्तमान बाजार दर के आधार पर किया जाये और निर्माण कार्य शुरू होने से पहले भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाये. साथ ही जिन परिवारों का एकमात्र आशियाना सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित हो रहा है, उनके पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया. अंचल निरीक्षक ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन रैयतों के हितों का पूरा ध्यान रखेगा. उन्होंने कहा कि विकास के लिए सड़क का चौड़ीकरण आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जायेगा कि किसी ग्रामीण को उसका हक मिलने में देरी न हो.
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