JSSC PGT में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला निकला IRB का हवलदार, पुलिस ने दबोचा

आरोपी को दबोचते स्थानीय लोग
चांडिल पुलिस ने जेएसएससी पीजीटी शिक्षक भर्ती में नौकरी का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आईआरबी-03 के हवलदार सुशील कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी अभ्यर्थियों से सिक्योरिटी के नाम पर दस्तावेज और ब्लैंक चेक लेता था.
हिमांशु गोप
Seraikela Kharsawan News (चांडिल): जेएसएससी पीजीटी शिक्षक भर्ती में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में चौका थाना पुलिस ने आईआरबी-03 के एक हवलदार को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुशील कुमार (40) के रूप में हुई है. वह वर्तमान में आईआरबी-03 में हवलदार के पद पर पीपरवार (चतरा) में तैनात है. आरोपी हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बनागड़ा गांव का रहने वाला है.
अभ्यर्थियों से सिक्योरिटी के नाम पर लेता था दस्तावेज
चौका थाना पुलिस ने बताया कि चौका थाना क्षेत्र निवासी गुरु चरण साव की लिखित शिकायत पर कांड संख्या 27/2026 दर्ज किया गया. शिकायत के अनुसार, आरोपी खुद को जेएसएससी पीजीटी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का करीबी बताकर अभ्यर्थियों को चयन कराने का भरोसा देता था. आरोप है कि वह सिक्योरिटी के नाम पर अभ्यर्थियों से मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक लेता था. इसके बाद अंतिम चयन सूची में नाम शामिल कराने का दावा करते हुए पहले से तय की गई मोटी रकम की मांग करता था.
चयन सूची से जुटाता था अभ्यर्थियों का डेटा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी जेएसएससी और अन्य सरकारी नौकरियों की चयन सूची से अभ्यर्थियों का विवरण जुटाकर आर्थिक रूप से सक्षम उम्मीदवारों से संपर्क करता था. वह अपने प्रभाव का दावा कर उनसे लाखों रुपये वसूलता था. जिन अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाता था, उन्हें कम अंक आने का बहाना बनाकर उनके मूल दस्तावेज और ब्लैंक चेक वापस कर देता था.
आरोपी के पास से क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस ने आरोपी के पास से कई अहम दस्तावेज और सामान बरामद किए हैं. इनमें शामिल हैं:
दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, जेएसएससी पीजीटी के दो एडमिट कार्ड, दो मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अभ्यर्थियों का कंप्यूटरीकृत डेटा, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति, छह ब्लैंक चेक, एक पीठू बैग.
जेएसएससी की संलिप्तता का नहीं मिला कोई प्रमाण
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में जेएसएससी या उसके किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता का कोई साक्ष्य नहीं मिला है. प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी और ठगी का है. पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है.
छापेमारी टीम में शामिल थे ये अधिकारी
इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (चांडिल) शिव प्रकाश कुमार, पुलिस निरीक्षक रवि कुमार सिंह, चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार, ईचागढ़ थाना प्रभारी वरुण यादव, चौका थाना के प्रकाश कुमार तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
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By अमलेश नंदन सिन्हा
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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