Seraikela Kharsawan News : खरसावां : रेशम की खेती में नयी तकनीक को अपनाएं

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Seraikela Kharsawan News : खरसावां : रेशम की खेती में नयी तकनीक को अपनाएं

मेरा रेशम, मेरा अभिमान’ के तहत रोग प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित

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खरसावां. खरसावां के कारोसाई व हुड़ांगदा में ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान’ के तहत रोग प्रबंधन विषय पर कार्यशाला सह जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. साथ ही तसर खाद्य पौधों के मेंटेनेंस का डेमोस्ट्रेशन दिया गया. कार्यक्रम में अग्र परियोजना पदाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि रेशम की खेती के दौरान रोग प्रबंधन पर भी ध्यान देने की जरूरत है. फसल को रोग से बचा कर ही अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि देशभर में रेशम प्रोडक्शन को नयी ऊंचाई देने के लिए ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत की गयी है. इससे एडवांस टेक्नोलॉजी खेतों तक पहुंचेगी व रेशम क्षेत्र का विस्तार होगा.

किसानों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें

केंद्रीय तसर अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान, रांची की वैज्ञानिक डॉ अपर्णा कोप्पारपु ने किसानों को तसर रेशम कीट पालन व विकसित नयी तकनीक की जानकारी दी. किसानों को नयी तकनीक अपनाने की सलाह दी, ताकि अधिक उत्पादन हो. तसर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने की बात कही. तसर वैज्ञानिक डॉ सुष्मिता दास ने कहा कि देश में तसर की खेती को लेकर आये दिन नयी-नयी तकनीकों का इजाद हो रहा है. उन्होंने किसानों को तसर की खेती में नयी तकनीक को अपनाने की सलाह दी, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन हो सके. इस दौरान मुख्य रूप से प्रोजेक्ट सहायक डोमन कुंभकार, कुलुराम पाडेया, लाल मोहन टूडू, राजकिशोर महतो सहित काफी संख्या में किसान व ग्रामीण उपस्थित थे.

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