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चांडिल : दलदल में गिरे दंतैल जंगली हाथी की मौत, जांच में जुटा वन विभाग

Updated at : 14 Dec 2025 5:33 PM (IST)
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Elephant Death in Chandil

चांडिल में बीमार हाथी की मौत. फोटो : प्रभात खबर

Elephant Death in Chandil: सरायकेला-खरसावां के चांडिल प्रखंड में एक दंतैल जंगली हाथी की मौत हो गयी है. हाथी कल एक ऐसे खेत में बैठ गया था, जहां दलदल था. रविवार सुबह उसकी वहीं पर मौत हो गयी. हाथी की मौत की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वहां पहुंचे. ग्रामीणों ने पूजा-पाठ करने के बाद हाथी को दफन कर दिया.

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Elephant Death in Chandil| चांडिल (सरायकेला-खरसावां), हिमांशु गोप : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में दलदल में गिरने से दंतैल जंगली हाथी की मौत हो गयी. घटना सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह थाना के चातरमा गांव जंगल किनारे हुई. हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था. वह बीमार भी था. शुक्रवार की रात को ही बीमार हाथी चातरमा गांव के दलदल वाली खेत बैठ गया था. फिर हाथी की ज्यादा तबीयत खराब होने पर खेत में पूरी तरह से लेट गया. शनिवार को वन विभाग की टीम पशु चिकित्सकों की विशेष टीम के साथ वहां पहुंची. 40 बोतल स्लाइन हाथी को चढ़ाया गया.

रविवार सुबह हो गयी हाथी की मौत

रविवार अल सुबह हाथी की मौत हो गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना नीमडीह पुलिस, स्थानीय प्रतिनिधि और वन विभाग को दी. घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह सीओ अभय द्विवेदी और रेंजर शशि प्रकाश रंजन चांडिल से चातरमा गांव पहुंचे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की मौत के कारणों का पता चल सकेगा.

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Elephant Death in Chandil: दायें पैर में गंभीर चोट लगने की वजह से बीमार था हाथी

वन विभाग की टीम के एक सदस्य ने बताया कि हाथी के दायें पैर में गंभीर चोट लग जाने के कारण काफी दिनों से बीमार और दुर्बल हो गया था. हाथी की मौत की खबर पाकर आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गये. फूल, सिंदूर और अगरबत्ती जलाकर मृत हाथी की पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद हाथी का पोस्टमार्टम कराकर दफन कर दिया गया.

हाथी को श्रद्धांजलि देने देते वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर

चांडिल वन क्षेत्र में एक हाथी की मृत्यु हुई है. चिकित्सकों की टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया. मृत हाथी के खून का बिसरा संग्रह किया गया है. जांच के लिए लैब में भेजा जायेगा. हाथी की मृत्यु कैसे और किस परिस्थिति में हुई, इसकी सही जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही मिल पायेगी. पोस्टमार्टम के बाद मृत हाथी को दफना दिया गया. मृत हाथी उसी झुंड से बिछड़ गया था.

शशि रंजन, वन क्षेत्र पदाधिकारी, चांडिल, सरायकेला-खरसावां

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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