गरमी के साथ ही घटने लगी खरकई का जलस्तर

सरायकेला/खरसावां : सरायकेला की जीवन रेखा मानी जाने वाली खरकई नदी की धार कम होती जा रही है. वहीं नदी का जलस्तरर तेजी से घटता जा रहा है. जिससे शहरी क्षेत्र के साथ नदी पास के कई गांव में पेयजल संकट उत्पन्न होने का खतरा मंडराने लगा है. सरायकेला के दक्षिण दिशा में बहने वाली […]
सरायकेला/खरसावां : सरायकेला की जीवन रेखा मानी जाने वाली खरकई नदी की धार कम होती जा रही है. वहीं नदी का जलस्तरर तेजी से घटता जा रहा है. जिससे शहरी क्षेत्र के साथ नदी पास के कई गांव में पेयजल संकट उत्पन्न होने का खतरा मंडराने लगा है. सरायकेला के दक्षिण दिशा में बहने वाली खरकई नदी के जल से पूरे शहरी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति होती है.
पेय जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा नदी के माजणाघाट के समीप बनाये गये बियर से पाइप लाइन के सहारे पानी की आपूर्ति की जाती है. इस वर्ष नदी का जल स्तर तेजी से घट रहा है. जहां बियर से पानी का उठाव होता है, वहां महज ढ़ाई फिट भी पानी नहीं है. इसका कारण नदी की धार कम होना, बियर का वर्षों से जीर्णोद्धार नहीं होना व बियर में बालू का भर जाना बताया जा रहा है. ऊपर से मछली पकड़े वाले लोग उस बियर से मछली पकड़ कर पानी को गंदा कर रहे हैं.
अगर यही स्थिति रही तो शहरी क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बाधित हो सकती है. क्योंकि यहां से शहरी क्षेत्र के अलावा सरायकेला कारा व गेस्टहाउस में भी पानी की आपूर्ति होती है. वहीं बियर की सफाई व मछली पकड़ने वालों पर पाबंदी लगाने हेतु झामुमो नगर अध्यक्ष भोला महांती ने जिला प्रशासन से अविलंब पाबंदी लगाने की मांग की है.
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