ब्राउन शुगर की लत से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी

Updated at : 12 May 2025 8:23 PM (IST)
विज्ञापन
ब्राउन शुगर की लत से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी

रेलवे की खाली जमीन व स्टेशन पर करते हैं नशा का सेवन, बढ़ रही अपराधिक घटनाएं

विज्ञापन

साहिबगंज. युवा पीढ़ी नशे की दलदल में डूबती जा रही है. यह नशा शराब, सिगरेट या गुटखा का नहीं है बल्कि ब्राउन शुगर, गांजा और नशे के इंजेक्शन है, जो युवाओं को जिंदगी बर्बाद कर रही है. नशीले पदार्थों की लत युवाओं और किशोरों की जान ले रही है. शहरी इलाकों में ब्राउन शुगर की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है. पिछले वर्ष पुलिसिया कार्रवाई में नगर थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर के साथ युवकों को पकड़ा गया था. इसमें करीब आधा दर्जन युवकों को जेल भी भेजा जा चुका है. नशे के लिए इंजेक्शन लेने का चलन और भी अधिक जानलेवा बनता जा रहा है. इस तरह के नशे का एडिक्ट युवक या किशोर में आत्महत्या का भी मामला सामने आया है. ये लोग रेलवे की खाली जमीन व स्टेशन पर एकातं में जाकर नशे का सेवन कर रहे हैं. इस कारण शहरी क्षेत्र में अपराध की घटनाएं भी बढ़ रही है. इस पर रोक लगाने के लिए सामाजिक पहल करने की जरूरत है. अपराध का अपना रहे रास्ता ब्राउन शुगर की एक पुड़िया आमतौर पर 300 से 500 रुपये में मिलती है. लड़कों के लिए इतने रुपये की व्यवस्था करना आसान नहीं है. इस वजह से अपराध का रास्ता अपना रहे हैं. चोरी, छिनतई, बाइक चोरी, सड़क लूट जैसी घटनाओं में अधिकतर 15 से 20 साल के लड़के पकड़े जा रहे हैं. इनमें से 80 फीसदी नशे के गुलाम होते हैं. सिर्फ शहर के बाहर बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लड़के आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. रही बात साहिबगंज के कई नामचीन मोहल्ले की तो निश्चित रूप से चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है. हर वर्ग के युवा बन रहे शिकार ऐसा नहीं है कि नशे के शिकार सिर्फ गरीब तबके के किशोर या युवा हैं. अच्छे घरों के लड़के भी इस दलदल में फंसते जा रहे हैं. स्कूली छात्र भी इसकी चपेट में हैं. सभी प्रखंडों, शहरों और गांवों में इस तरह के लड़कों का झुंड आपको दिख जायेगा. कई लड़के नशे की लत को पूरा करने के लिए इसे बेचने के काम में लग जाते हैं. शुरुआत में तस्कर फ्री में नशा कराते हैं. आदि हो जाने पर उनसे मनमानी रुपये वसूलते हैं. किडनी व हार्ट को करता है डैमेज हिलसा के डॉ मोहन मुर्मू कहते हैं कि नशा करने से शरीर में खून की कमी हो जाती है. भूख नहीं लगती . नशेड़ी विक्षिप्त की तरह हरकत करने लगते हैं. खोया रहता है. नशीले पदार्थों के सेवन से हार्ट व किडनी डैमेज होता है. इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. क्या कहते हैं जीआरपी थाना प्रभारी आये दिन रेलवे स्टेशन परिसर से नशेड़ियों को खदेड़ा जा रहा है. इसके लिए लगातार टीमवर्क हो रही है. पकड़े जाने पर निश्चित रूप से कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन इस तरह के नशे का सामान बेचने वाले लोग शहर में घूम रहे हैं. इस पर बड़ी कार्रवाई की जरूरत है धनंजय कुमार, थाना प्रभारी, जीआरपी आरपीएफ निरीक्षक ने कहा आरपीएफ के अधिकारी व जवान द्वारा लगातार स्टेशन प्लेटफाॅर्म स्टेशन परिसर ट्रेनों पर सघन जांच अभियान चला रही है. अभियान के दौरान पकड़े जाने पर कानून संगत कार्रवाई भी की जा रही है. न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का भी काम किया गया है. गुलाम सरवर, आरपीएफ निरीक्षक, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ABDHESH SINGH

लेखक के बारे में

By ABDHESH SINGH

ABDHESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola