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तालझारी प्रखंड क्षेत्र की 97 हजार की आबादी एक चिकित्सक के भरोसे, एएनएम करा रहीं प्रसव

Updated at : 11 Sep 2024 10:45 PM (IST)
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तालझारी प्रखंड क्षेत्र की 97 हजार की आबादी एक चिकित्सक के भरोसे, एएनएम करा रहीं प्रसव

सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बुरा, अस्पताल का भवन भी है जर्जर

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तालझारी. प्रखंड क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी है. जनसंख्या के अनुपात में चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं. प्रखंड में चिकित्सक के स्वीकृत सात पद में छह रिक्त है, ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. दरअसल, प्रखंड में कुल 13 पंचायत है. जानकारी के अनुसार सीएचसी तालझारी में सात चिकित्सकों का पद स्वीकृत है. पर वर्तमान में मात्र दो चिकित्सक डॉ रंजन कुमार व मिलिंद राज पदस्थापित हैं. वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रंजन कुमार के रूप में है. पर उनकी प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल में भी इन दिनों की गयी है. जनवरी माह में ही सीएचसी तालझारी में एक चिकित्सक की बहाली हुई थी. पर अब तक योगदान नहीं किये. अस्पताल में मरीजों के लिए मात्र छह बेड ही लगाये गये हैं. जबकि औसतन 30 से 40 मरीज की स्वास्थ्य जांच की जाती है. ऐसे में क्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रही है. इधर, अस्पताल का भवन भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. जर्जर भवन में चिकित्सक, कर्मी सहित मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने एवं पुरुष चिकित्सक होने के कारण एएनएम के भरोसे ही प्रसूता का प्रसव कराया जाता है. चिकित्सा के माध्यम से एएनएम को सिर्फ आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं. वहीं रात्रि के समय अस्पताल की पूरी व्यवस्था एएनएम के हाथों होती है. ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं कितना गुणवत्ता पूर्ण तरीके से लोगों को मिल पा रही है. पिछले 12 साल से अधूरा पड़ा है 30 बेड का अस्पताल : प्रखंड क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएससी तालझारी के नए भवन का निर्माण वर्ष 2012 से किया जा रहा है, जिसमें मरीज के लिए 30 बेड और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं जांच संबंधित सभी उपलब्ध होने की बात बतायी गयी थी. हालांकि 2012 से अब तक में यह भवन पूर्ण नहीं हो पाया है. ऐसे में पुराना भवन जर्जर होने के कारण दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा लग रहा है. हल्के दिनों में जिला के उपायुक्त अस्पताल का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालय के भवन में अस्पताल को शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया था. पर वर्तमान में अभी पुराने भवन में ही संचालित है. अस्पताल में नहीं है आपातकालीन सेवाएं : तालझारी सीएचसी में रात में आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध नहीं है. ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को लगभग 15 किलोमीटर दूर राजमहल या 25 किलोमीटर दूर साहिबगंज ले जाना पड़ता है. मालूम हो कि तालझारी प्रखंड क्षेत्र में लगभग सात से आठ किलोमीटर एनएचआइ व लगभग 20 किलोमीटर स्टेट हाइवे है. आये दिन सड़क दुर्घटना में कोई ना कोई गंभीर रूप से जख्मी होते हैं. आपातकालीन सेवाएं नहीं रहने के कारण सदर अस्पताल या राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया जाता है. चिकित्सक के पदस्थापित कर अगर आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होती है तो क्षेत्र के लोग इससे काफी लाभान्वित होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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