ePaper

बरहेट के सूप और दउरे की बिहार में डिमांड, छठ पूजा पर मिला लाखों का ऑर्डर

Updated at : 19 Oct 2025 8:50 PM (IST)
विज्ञापन
बरहेट के सूप और दउरे की बिहार में डिमांड, छठ पूजा पर मिला लाखों का ऑर्डर

कुण्डली, पंचकठिया संथाली, चुटिया, खैरवा, बरमसिया, कदमा, बाबुपूर में मोहली समाज के लोग बड़े पैमाने पर बनाते हैं बांस के सामान

विज्ञापन

बरहेट

बरहेट में बने सूप और दउरे की झारखंड के साथ-साथ बिहार में काफी डिमांड है. यहां मोहली समाज के 5 हजार से अधिक परिवार इस पेशे से जुड़े हैं. जो सालों भर बांस के सामान बनाते हैं, लेकिन छठ के लिये खास तौर पर सूप और दउरा बनाते हैं. तीन महीने पहले से उसकी तैयारी शुरू हो जाती है. बरहेट के कुण्डली, पंचकठिया संथाली, चुटिया, खैरवा, बरमसिया, कदमा, बाबुपूर आदि स्थानों में मोहली समाज के लोग बड़े पैमाने पर बांस के सामानों का निर्माण करते हैं. जिसमें सूप, दौरा, टोकरी, डाला और झाड़ू सहित अन्य सामान शामिल हैं. जिसकी मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ पूरे झारखंड और बिहार के पटना, गया और भागलपुर सहित विभिन्न जिलों में भी है. व्यापारी इनसे सूप और दऊरे खरीद कर ले जाते हैं और अपने लोकल मार्केट में इसकी बिक्री करते हैं. इसके लिये पहले से ऑर्डर भी दिया जाता है. मुलिया देवी बताया कि छठ के लिये खास तौर पर बांस और दउरे तैयार किये जाते हैं. जिसे स्थानीय बाजारों में बेचने के साथ-साथ बाहर से आये व्यापारियों को भी उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने बताया कि इस बार सूप एक सौ रुपये जोड़ा बिक रहा है. वहीं, डाले की कीमत 80 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है. आगे बताया कि मेहनत के हिसाब से कीमत नहीं मिलती है. छठ पर इनके उत्पादों की मांग झारखंड से लेकर बिहार तक है. उन्होंने कहा कि महुआ के सीजन में भी टोकरी और डाले की मांग बढ़ जाती है, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत के हिसाब से दाम नहीं मिल पाता है. वहीं, बाहर में उनके उत्पाद दोगुने दामों पर बिकते हैं.

बिहार में दोगुने दामों पर बिकते हैं सूप और डाला

बिहार के नवादा से माल लेने आए व्यापारी सबरी पाल ने बताया कि सूप और दउरे का निर्माण झारखंड में आदिवासी समाज के लोग बहुतायत में करते हैं. छठ के समय बिहार में इसकी मांग बढ़ जाती है. सस्ता मिलने के कारण प्रत्येक साल यहां से माल ले जाता हूं. यहां 50 रुपये में मिलने वाला सूप नवादा के बाजार में 100 रुपये में बिकता है. वहीं, 70 रुपये के डाले का करीब 150 रुपये मिल जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ABDHESH SINGH

लेखक के बारे में

By ABDHESH SINGH

ABDHESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola