बरहेट
जिले के बरहेट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हिरणपुर पंचायत के कैरोगोड़ा गांव में एक माह के अंदर अलग-अलग तिथियों में डायरिया व ब्रेन मलेरिया की आशंका से चार लोगों की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है. कैरोगोड़ा गांव आदिवासी एवं पहाड़िया टोले में बसा है. जिसकी आबादी 150-200 की है. ग्रामीण मलोती मरांडी, बेटका मरांडी, शैलेश टुडू, छूटो टुडू, चुनका टुडू आदि ने बताया कि इस माह अचानक गांव में एक बीमारी फैली. जिसके बाद एक-एक कर ठाकुर किस्कू (40), छिता टुडू (18), मंगला पहाड़िया (45) सहित एक बच्ची की मौत हो गयी. वहीं, मरांगमय मुर्मू (50), बाले किस्कू (40), सुशांति मुर्मू (2), धनी मुर्मू (42), बड़का किस्कू (50), सोनी किस्कू (4), बिटी मुर्मू (35), बबलू किस्कू (45), बेटका मरांडी, स्वाती मरांडी (24), लालू टुडू (50) सहित एक दर्जन से अधिक लोग बीमारी से ग्रसित हैं. जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, उल्टी व दस्त है. ये ब्रेन मलेरिया व डायरिया के लक्षण हैं. गांव के अधिकांश लोगों के अशिक्षित होने के कारण सही तरीके से उपचार नहीं हो पा रहा है. लोग अपने रिश्तेदारों व पड़ोस के गांव में शरण ले रहे हैं. साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि सुदूर गांव होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना मुश्किल हो जाता है. बरसात में यहां वाहनों का आवागमन भी पूर्ण रूप से बाधित हो जाता है. वहीं, ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाने की गुहार लगायी है. इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहेट के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चौधरी चंद्रशेखर प्रसाद चंद ने कहा कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है. इसकी जानकारी लेकर अविलंब सहायता पहुंचायी जायेगी.
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