मध्याह्न भोजन बंद, कक्षा में ना दरी है और ना बेंच-डेस्क

Updated at : 09 Feb 2025 8:39 PM (IST)
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मध्याह्न भोजन बंद, कक्षा में ना दरी है और ना बेंच-डेस्क

मर्ज किये गये तालझारी प्रखंड के पांच स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का दर्द

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तालझारी. तालझारी प्रखंड के मर्ज किये गये पांच स्कूलों को पुनः खोले जाने के बाद भी बच्चों को किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है. शिक्षा विभाग की ओर से यह निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की सुविधा बंद नहीं होनी चाहिए. लेकिन पुनः खोले गये इन स्कूलों में मध्याह्न भोजन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है. तालझारी प्रखंड के उप्रावि मुंडी पहाड़ के सहायक शिक्षक मो. शमशुल ने बताया कि छह वर्ष पूर्व इस विद्यालय को अन्य स्कूल में मर्ज कर दिया गया था. फिर 18 दिसंबर 2023 को विभाग द्वारा इसे पुनः खोला गया. लेकिन वर्षों तक बंद रहने के कारण विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. बच्चों के बैठने के लिए न तो दरी उपलब्ध है और न ही डेस्क-बेंच. साथ ही, विद्यालय में पानी और बिजली की सुविधा भी नहीं है. सबसे बड़ी समस्या मध्याह्न भोजन की है. विद्यालय को इसके लिए किसी भी प्रकार का फंड प्राप्त नहीं हुआ है, न ही यहां किचन है और न ही बर्तन उपलब्ध हैं. ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में गंभीर बाधा आ रही है. प्राथमिक विद्यालय मुंडी पहाड़ में कुल 44 बच्चों का नामांकन है, जिनमें से 38 छात्रों का विवरण विद्या वाहिनी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज है. लेकिन स्कूल की हालत इतनी खराब है कि बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. अन्य विद्यालयों की भी यही स्थिति तालझारी प्रखंड के अन्य पुनः खोले गये मर्ज स्कूलों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है. इनमें उप्रावि जस्कुटी, उप्रावि बांझी, उप्रावि बोहा, उप्रावि पकड़िया पहाड़, उप्रावि माली भिट्टा, उप्रावि धोगड़ा पहाड़, उप्रावि गोयाली पहाड़ और उप्रावि पत्थरचपटी शामिल हैं. इन सभी विद्यालयों में न तो मध्याह्न भोजन की सुविधा शुरू हो पायी है और न ही बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. हालांकि विद्यालयों में माता समिति और रसोइया का चयन हो चुका है, लेकिन जब तक मध्याह्न भोजन की व्यवस्था बहाल नहीं होगी, तब तक बच्चों को पोषण और शिक्षा का समुचित लाभ नहीं मिल पायेगा. समस्या का समाधान जरूरी शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर विद्यार्थी तक पहुंचना चाहिए. प्रशासन को जल्द से जल्द इन विद्यालयों की दुर्दशा पर ध्यान देना होगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रह सके. क्या कहते हैं प्राथमिक विद्यालय मुंडी पहाड़ के सचिव मर्ज विद्यालय को पुन: खोला गया. वैसे सभी विद्यालयों में अन्य विद्यालयों की तरह सभी प्रकार का लाभ देने की बात है. उन्होंने बताया इस संबंध में कोई बार वरीय अधिकारी को लिखित आवेदन दी गयी है. मो शमशुल, सचिव प्राथमिक विद्यालय मुंडी पहाड़ क्या कहते हैं बीइइओ इसकी जानकारी है. जिले के वरीय पदाधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है. रवींद्र चंद्र मंडल, बीइइओ, तालझारी

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