माल ढुलाई में अव्वल, सुविधाओं में पिछड़े मिर्जाचौकी-बरहरवा रेलखंड के स्टेशन

साहिबगंज (फाइल फोटो)
माल ढुलाई से करोड़ों का राजस्व देने वाले मिर्जाचौकी-बरहरवा रेलखंड के स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। अमृत भारत योजना में शामिल करने की मांग तेज।
साहिबगंज/मंडरो.
माल ढुलाई में करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले मालदा रेल मंडल के साहिबगंज जिले के कई रेलवे स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक विकास से वंचित हैं. मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन से लेकर साहिबगंज रेलवे स्टेशन को छोड़ बड़हरवा रेलखंड तक के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को अब तक अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल नहीं किया गया है. इसे लेकर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने रेल मंत्रालय व मालदा रेल मंडल से इन स्टेशनों को योजना में शामिल करने की मांग तेज कर दी है.
माल ढुलाई से रेलवे को करोड़ों का राजस्व
मिर्जाचौकी, करमटोला, सकरीगली, तालझारी, तीनपहाड़, धमधामिया, बाकुडी और बड़हरवा रेलवे स्टेशन माल ढुलाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इन स्टेशनों के आसपास संचालित स्टोन चिप्स एवं अन्य खनिज लोडिंग प्वाइंट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का परिचालन होता है, जिससे भारतीय रेलवे को लगातार करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है.
अमृत भारत योजना में शामिल करने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया जाए तो स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण, बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, यात्री सूचना प्रणाली, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराए जा सकते हैं. इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
रेलवे विशेषज्ञों ने भी विकास पर दिया जोर
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि जिन स्टेशनों से रेलवे को लगातार अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाना चाहिए. इससे यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक होगा और रेलवे की छवि भी बेहतर बनेगी.
राजस्व के आंकड़े भी विकास की मांग को दे रहे मजबूती
रेलवे से जुड़े आंकड़ों के अनुसार साहिबगंज क्षेत्र से प्रतिदिन औसतन एक से दो रैक पत्थर की लोडिंग होती है. प्रत्येक रैक से रेलवे को करीब 20 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. साहिबगंज जिला मुख्यालय के रेलवे रैक लोडिंग प्वाइंट, मिर्जाचौकी, करमटोला, सकरीगली, तालझारी, धमधामिया और बड़हरवा तक प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से रैक लोडिंग होती है. इस प्रकार महीने में 60 से 80 रैक की लोडिंग से रेलवे को करोड़ों रुपये की आमदनी होती है. वहीं उपलब्ध जानकारी के अनुसार रेलवे को प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये तक का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद इन प्रमुख स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना से बाहर रहना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
सर्वे कर अगले चरण में शामिल करने की मांग
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने रेल मंत्रालय और मालदा रेल मंडल से मांग की है कि मिर्जाचौकी-बड़हरवा रेलखंड के महत्वपूर्ण स्टेशनों का सर्वे कर उन्हें अमृत भारत स्टेशन योजना के अगले चरण में शामिल किया जाए, ताकि वर्षों से विकास की प्रतीक्षा कर रहे इन स्टेशनों को भी आधुनिक स्वरूप मिल सके.
क्या कहते हैं राजमहल सांसद?
केन्द्र सरकार को इन सभी स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत विकास करने को लेकर पत्र लिखा गया है. विजय हांसदा, सांसद, राजमहल
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