शोभापुर में सड़क किनारे तंबू में जीवन काटने को मजबूर दो बाढ़ प्रभावित परिवार

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शोभापुर में सड़क किनारे तंबू में जीवन काटने को मजबूर दो बाढ़ प्रभावित परिवार

15 दिनों से तिरपाल के सहारे गुजर-बसर, प्रशासनिक सहायता से अब तक वंचित

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राजमहल/मंगलहाट

राजमहल प्रखंड के शोभापुर गांव में दो बाढ़ प्रभावित परिवार पिछले 15 दिनों से फोर लेन सड़क किनारे तंबू लगाकर रह रहे हैं. 70 वर्षीय पार्वती वेवा और 50 वर्षीय जोशना देवी, जो अपने दिव्यांग पति दुर्योधन राय के साथ रह रही हैं, बाढ़ के पानी घटने के बावजूद अब तक अपने घर नहीं लौट सकी हैं. इन परिवारों ने बताया कि घरों में अब भी कीचड़ भरा है, जिससे रहना संभव नहीं है. ऐसे में सड़क किनारे तिरपाल लगाकर चौकी पर रातें गुजारनी पड़ रही हैं. किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता या राहत सामग्री अब तक नहीं मिली है. तिरपाल भी उन्होंने अपनी निजी खर्च से खरीदी है. रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही से जान का खतरा बना रहता है और नींद पूरी नहीं हो पाती. पार्वती वेवा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई सुध नहीं ली है, जबकि अन्य क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटी जा चुकी है. इन परिवारों की मांग है कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराये और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करें.

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