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जमीन विवाद में 62 दिन के अंदर तीन लोगों की हत्या, शहर में फैल रहा है भू-माफियाओं का जाल, भोले-भाले लोगों को बना रहे निशाना

Updated at : 08 Jan 2025 8:21 PM (IST)
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जमीन विवाद में 62 दिन के अंदर तीन लोगों की हत्या, शहर में फैल रहा है भू-माफियाओं का जाल, भोले-भाले लोगों को बना रहे निशाना

- भू-माफिया छोटी-मोटी रकम देखकर हथियाते जमीन का बड़ा हिस्सा, करते हैं काली कमाई

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साहिबगंज. शहर व आसपास के इलाकों में भूमि विवाद के मामले में लगातार वृद्धि हो रही है. जमीन विवाद में आये दिन मारपीट, लड़ाई-झगड़े के अलावा हत्या जैसी बातें सामने आ रही है. बीते करीब दो महीने में शहर में तीन हत्याएं हो गयी है. तीनों मामले में मुख्य कारण जमीन विवाद रहा है. जमीन विवाद पर काबू नहीं पाया जा रहा है. शहर के जिरवाबाड़ी, पचगढ़, लोहंडा व चानन सहित कई इलाकों में भू-माफिया का जाल बिछ गया है. सीधे-सादे भोले-भाले किस्म के आदिवासी लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं. पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण उनका अंगूठा लगाना काफी आसान होता है. इसका भू-माफिया भरपूर फायदा उठाते हैं. छोटी-मोटी रकम देकर उनकी कीमती जमीन को हथियाते हैं. फिर उसे 10 गुना दाम बढ़कर बेचकर गाढ़ी कमाई करते हैं. कैसे बनाते हैं निशाना : भू-माफिया तीन तरीके से उसे अपना निशाना बनाते हैं. सबसे पहला तरीका उसे पैसे का प्रलोभन देकर उसकी जमीन को खरीदने की कोशिश करते हैं. काफी हद तक लोग उसकी बातों में आकर तैयार भी हो जाते हैं.अपनी जमीन को हल्के दामों में बेच देते हैं. दूसरा तरीका अगर कोई व्यक्ति जमीन बेचने को तैयार नहीं होता है तो उसी के परिवार या फिर गोतिया के सदस्य को तैयार करते हैं. फिर उस सदस्य का काम होता है कि उस व्यक्ति को जाकर अपनी भाषा में समझा कर तैयार करवाना. उसे बताया जाता है कि जमीन बेचने से उसे अच्छी-खासी रकम दी जाएगी. बीच में समझाने वाले व्यक्ति का एक कमीशन बना होता है, जो उसे जमीन के अनुसार दिया जाता है. समझा-बुझाकर उसे बेचने को तैयार कर देते हैं. तीसरे तरीके में सीधा भू-माफिया उसकी जमीन का डुप्लीकेट कागज तैयार करवाते हैं. अपनी ताकत के दम पर घेराबंदी शुरू कर देते हैं. कुछ दिन थाने में फरियादी दौड़ते हैं. फिर थक-हार कर उसके सामने घुटने टेक देते हैं. फिर वह जमीन भू-माफिया की हो जाती है. ऐसा सिलसिला शहर के कई क्षेत्रों में चल रहा है. ऐसे कई मामले जिरवाबाड़ी थाने में दर्ज हैं, जिसमें पीड़ित परिवार लगातार अपनी जमीन के लिए थाने का चक्कर काट रहा है. भूमाफिया जब तीनों तरीके में कामयाब नहीं होते हैं, तो फिर उस परिवार काे निशाना बनाते हैं. उसे जान से मार देते हैं. गौरतलब हो कि भूमि विवाद के चलते बीते दो माह में तीन लोगों की जान गयी है. हालांकि एक मामला नगर थाना क्षेत्र का है. लेकिन हत्या तीनों जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत किये गये. हत्या के एक मामले में पुलिस ने संबंधित तीन लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जबकि दो मामले का अब तक अनुसंधान किया जा रहा है. इन मामलों के आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है. केस स्टडी-1- 02 नवंबर 2024 को जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पोलमा गांव में जमीन विवाद को लेकर रामनाथ उर्फ ईश्वर मुर्मू को गोली मार दी गयी थी. इस मामले में पुलिस ने कांड संख्या 164/24 अंकित करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली. इसमें दो लोग मुन्ना पांडे व भीष्म यादव को नामजद आरोपी बनाया गया. इस संबंध में मृतक की पत्नी ने बताया था कि हत्या के एक दिन पूर्व मुन्ना पांडे व भीष्म यादव उनके घर आकर जमीन लेने के मामले में धमकी दिया था. बताया कि रात करीब 8 बजे मेरे पति ईश्वर मुर्मू पेशाब करने घर से बाहर निकले तभी पहले से घात लगाए बैठे मुन्ना पांडे व भीष्म यादव ने उनपर हमला कर दिया. मारपीट करते हुए मेरे पति को गोली मार दी. इसमें मेरे पति जमीन पर गिर गए. इलाज के लिए अस्पताल लाया गया तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. केस स्टडी-2 – 23 दिसंबर 2024 को जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत खुजली पहाड़ में एक अधेड़ का शव बरामद किया गया था. बाद में उनकी पहचान छोटी बगियामारी निवासी पृथ्वी सोरेन के रूप में हुई थी. मृतक की पत्नी मरांगकुड़ी मुर्मू ने बताया था कि 20 दिसंबर को मेरे पति अपने गांव के एक व्यक्ति शेखर के साथ जमीन के कागजात, रसीद, आधार कार्ड एवं 6000 रुपये लेकर भू-अर्जन कार्यालय जाने की बात कह कर घर से निकले थे. इसके बाद वह घर नहीं लौटे तो काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चल पाया था. तीन दिन बाद उनका शव बरामद किया गया. पत्नी ने जिरवाबाड़ी थाना में आवेदन देकर शिकायत की थी. मेरे पति की भतीजी जमीन को जबरन बेचना चाहती थी. जबकि मेरे पति उस जमीन को बेचने के लिए तैयार नहीं थे. इसको लेकर उन्हें धमकी दी गयी थी. इस मामले में पुलिस ने जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या 207/24 अंकित करते हुए हत्या का मामला दर्ज किया था. केस स्टडी – 3 – 3 जनवरी 2024 को जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत फूल सजावट का काम करने वाले नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पांच मोड़ निवासी नवल कुमार तांती की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. इसको लेकर कांड संख्या 06/25 अंकित किया गया था. इस संबंध में पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए तीन लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अनुसंधान के क्रम में भूमि विवाद के पुराने मामले व रंजिश की बात सामने आयी थी. पूर्व से जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था. हत्या के संबंध में एक पक्ष ने 15 अक्टूबर 2024 को नगर थाना प्रभारी काे आवेदन देखकर जान का खतरा बताया था. लेकिन हत्या उनके करीबी की हो गयी. क्या कहते हैं एसडीपीओ : डीसी द्वारा खास निर्देश दिया गया है कि जमीन संबंधी विवाद का जल्द निबटारा किया जाए. इस संबंध में एसपी के आदेश पर प्रत्येक सप्ताह प्रत्येक थाना में थाना दिवस कैंप लगाया जा रहा है. इसके तहत जमीन विवाद के मामले का निपटारा किया जाता है. उसे संबंधित विभाग के पास जांच-पड़ताल के लिए भेजा जाता है. सभी थानों को भूमि विवाद को जल्द सुलझाने के लिए निर्देश दिए गए हैं. – किशोर तिर्की, सदर एसडीपीओ, साहिबगंज.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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