साहिबगंज में कला कुंज की वेबसाइट लॉन्च, ‘2047 में मेरे सपनों का भारत’ ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता शुरू
sambodhit karte munh Kati thi | Prabhat Khabar Network
साहिबगंज के कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट ने अपनी नई वेबसाइट और अखिल भारतीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता 2047 का शुभारंभ किया।
साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज स्थित कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट तथा संस्थान द्वारा शनिवार को अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जा रही ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता 2047 में मेरे सपनों का भारत का विधिवत शुभारंभ चैतीदुर्गा के नजदीक कलाकुंज कार्यालय में किया गया.इस अवसर पर कला, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही.
कार्यक्रम का आयोजन कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, देशभर के विद्यार्थियों एवं युवा कलाकारों को संस्थान से जोड़ने तथा कला, संगीत और नृत्य से संबंधित गतिविधियों को व्यापक डिजिटल मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया.
वेबसाइट के शुभारंभ का कार्यक्रम सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव इन्द्र देव मंडल, प्रो. कमल कुमार महावर, इतिहास विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय मनीष कुमार, श्याम विश्वकर्मा, रवि कुमार, वीरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, सेंट टेरेसा स्कूल, सुष्मिता मंडल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ. इस अवसर पर कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के संस्थापक अनिल कुमार सिंह ने संस्थान की स्थापना, उद्देश्य एवं विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि कला कुंज साहिबगंज में चित्रकला, संगीत एवं नृत्य जैसी भारतीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है . संस्थान प्राचीन कला केन्द्र, चंडीगढ़ से संबद्ध है तथा विद्यार्थियों एवं कलाकारों को व्यवस्थित प्रशिक्षण एवं कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करता है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में कला संस्थानों के लिए अपनी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.इसी उद्देश्य से कला कुंज की वेबसाइट का शुभारंभ किया गया है.जिसके माध्यम से संस्थान की गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं अन्य कला संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी देशभर के लोगों तक पहुंचाई जा सकेगी.
कार्यक्रम के दौरान कला कुंज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता 2047 में मेरे सपनों का भारत का भी विधिवत शुभारंभ किया गया.इस अवसर पर कला कुंज के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण से जुड़े वानस्पतिक आर्टिस्ट दिनेश्वर कुमार साह तथा संजय कुमार ने प्रतियोगिता के उद्देश्य, सहभागिता प्रक्रिया एवं इसके राष्ट्रीय महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य देशभर के बच्चों, विद्यार्थियों एवं कलाकारों को अपनी कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता को पाँच आयु वर्गों में आयोजित किया जा रहा है. ताकि विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों को अपनी क्षमता के अनुरूप अपनी कला प्रस्तुत करने का समान अवसर मिल सके.
प्रतियोगिता का विषय 2047 में मेरे सपनों का भारतरखा गया है.यह विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत वर्ष 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी पूर्ण करेगा.प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को यह सोचने और चित्र के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है कि वे वर्ष 2047 में भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं. प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
प्रतिभागी अपने चित्रों के माध्यम से विकसित भारत, स्वच्छ एवं हरित भारत, वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, आधुनिक शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, अंतरिक्ष एवं विज्ञान, डिजिटल भारत, सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक समरसता जैसे विभिन्न आयामों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं.
आयोजकों का मानना है कि चित्रकला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के विचारों, सपनों एवं भविष्य की कल्पना को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है.इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी कल्पना को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा. प्रतियोगिता को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाने का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों और कलाकारों को एक ही मंच पर जोड़ना है.
इससे छोटे शहरों, कस्बों एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभागियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा. प्रतिभागी प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी, नियम एवं दिशा-निर्देश तथा पंजीकरण संबंधी विवरण कला कुंज की वेबसाइट www.kalakunjart.com पर प्राप्त कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि कला कुंज जैसे संस्थान छोटे शहरों एवं कस्बों में कला प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. कला कुंज के पूर्व विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो संस्थान की दीर्घकालिक भूमिका एवं योगदान को दर्शाता है. उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रतियोगिता में केवल पुरस्कार प्राप्त करने के उद्देश्य से ही नहीं, बल्कि अपने भारत के भविष्य के सपने और अपनी कल्पना को चित्र के माध्यम से व्यक्त करने के उद्देश्य से भाग लें.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से राष्ट्रीय पहचान की ओर कला कुंज की वेबसाइट के शुभारंभ को संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.वेबसाइट के माध्यम से संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित एवं प्रसारित करने के साथ-साथ कला से जुड़े विद्यार्थियों, अभिभावकों, कलाकारों एवं कला प्रेमियों को एक डिजिटल मंच से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
संस्थान की आगामी गतिविधियों, कला प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं एवं अन्य कार्यक्रमों की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से देशभर में उपलब्ध कराई जा सकेगी. कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कला कुंज के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि साहिबगंज जैसे क्षेत्र से कला एवं संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक ले जाने का यह प्रयास निश्चित रूप से युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है.
प्रतियोगिता की जानकारी एवं पंजीकरण के लिए कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट वेबसाइट: www.kalakunjart.com विषय 2047 में मेरे सपनों का भारत, अखिल भारतीय,माध्यम: ऑनलाइन, आयु वर्ग: पाँच श्रेणियाँ है. मौके पर निदेशक अनिल सिंह, श्याम विश्वकर्मा, कमल महावर, रवि कुमार सहित कई शिक्षक छात्र-छात्रा व अभिभावकगण उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By सुनील ठाकुर
साहिबगंज : सुनील ठाकुर वर्ष 1999 से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने एक वर्ष तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए भी कार्य किया है. शिक्षा, अपराध और संताल परगना में पहाडिया जनजाति जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ रही है तथा इन मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं. कला, संस्कृति एवं साहित्य में उनकी गहरी रुचि है. वर्ष 2006 से साहिबगंज में जिला संवाददाता व ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










