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दियारा क्षेत्रों में लाखों की आबादी गंगा के पानी से घिरी, राहत शिविर में नहीं जाना चाह रहे दियारावासी

Updated at : 11 Aug 2025 8:44 PM (IST)
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दियारा क्षेत्रों में लाखों की आबादी गंगा के पानी से घिरी, राहत शिविर में नहीं जाना चाह रहे दियारावासी

जिला प्रशासन ने किया अलर्ट

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साहिबगंज. साहिबगंज सदर, राजमहल, उधवा, तालझारी, मंडरो के आंशिक दियारा क्षेत्रों में लाखों की आबादी गंगा के पानी से घिर गयी है. इस बीच पशुओं से इंसानी मुहब्बत की कई मिसाल सामने आ रही हैं. दियारा क्षेत्रों के लोग अपना घर व पशुओं को छोड़ कर शिविरों में नहीं जाना चाहते. पशुओं की मुहब्बत में अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं. प्रशासनिक राहत शिविरों के बावजूद बाढ़ के बीच फंसे दियारावासी अपने घरों व पशुओं को छोड़ना पसंद नहीं कर रहे. जान के खतरे के बावजूद अपने घरों में रहना उन्हें राहत दे रहा है. मखमलपुर की ईजहार ने बताया कि लगभग 10 हजार लोग बाढ़ से घिरे हैं. सभी सरकारी चबूतरे व बांस के मचान पर शरण लिये हैं. उन्होंने कहा कि शहर में बने राहत शिविर में आने से घर का सारा सामान बर्बाद हो जायेगा. पीड़ित परिवार सामान को घरों में मचान बांध कर रखे गये हैं. छोड़ कर आने पर चोरी होने का भय है. कहा कि पशुओं को भी नहीं छोड़ा जा सकता, उनके भोजन-पानी की व्यवस्था भला कौन करेगा. पार्वती देवी ने कहा कि घर द्वार कैसे छोड़ दें. घर कोई गठरी तो नहीं, जिसे हाथों में दबा कर निकल आयें. मेहनत-मजदूरी कर घर बनाया है. संजय मंडल ने बताया कि पशुओं को बाढ़ के हवाले कैसे छोड़ दें. अच्छे दिनों में पशुओं ने उनकी जिंदगी बनायी. बुरे दिनों में उन्हें किस्मत के भरोसे कैसे छोड़ सकते हैं. खेती से लेकर अमृत समान दूध तक देने वाले पशुओं से बच्चों को भी लगाव है. मनोज सिंह के कहा कि हमलोग बाढ़ व बारिश की दोहरी मार झेल रहे हैं. राहत शिविर में चले जायेंगे. लेकिन प्रशासन हमलोग के मवेशियों को भी ले जाने की व्यवस्था करे. गंगा किनारे के तीन स्कूल दो दिनों के लिए बंद साहिबगंज. नगर परिषद क्षेत्र के भरतिया कॉलोनी, रसूलपुर दहला, नया टोला, हरीपुर, हबीबपुर, कमलटोला, चानन, कबूतरखोपी, अलीनगर समेत 11 वार्ड के सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया है. लोग आने-जाने के लिए छोटी नाव के सहारा ले रहे हैं. बाढ़ के पानी आ जाने से अंधकार में है. कई मुहल्लों में बाढ़ के पानी आने के कारण बिजली बाधित कर दी गयी है. लोगों को अंधकार में रहने को मजबूर है. डीसी के निर्देश पर गंगा किनारे तीन स्कूल दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. नप प्रशासक की ओर से टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है. भाजपा नेता अमित सिंह ने जिला प्रशासन से सभी स्कूल को कम से कम और 4 दिन के लिए बंद कर देने की मांग की है. खतरे के निशान से सवा मीटर ऊपर बह रही गंगा साहिबगंज में गंगा नदी उफान पर है. गंगा के जलस्तर में सोमवार 28.61 को वृद्धि दर्ज की गयी है. जलस्तर खतरे के निशान से सवा मीटर ऊपर है. केंद्रीय जल आयोग पटना की दैनिक रिपोर्ट में 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 13 सेमी बढ़ने की संभावना है, जो 28.74 हो जायेगा. 1998 में आयी थी 30.91 मीटर बाढ़ साहिबगंज. 1998 में साहिबगंज शहर समेत दियारा क्षेत्र में 30.91 मीटर जलस्तर होने पर बाढ़ आ गयी थी. लगभग 17 दिनों तक लोग बाढ़ के पानी से लोग परेशान रहे. अभी 28.74 सेमी पानी है. पिछले तीन वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. भाजपा नेता अमित सिंह ने राहत सामग्री वितरण कराने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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