प्रतिनिधि, पाकुड़िया प्रखंड के खकसा गांव में किसान बिलाली किस्कू उन्नत किस्म की फूलगोभी, बंधागोभी, मटर, सेम, बैंगन, टमाटर जैसी सब्जियों की खेती कर अच्छी पैदावार प्राप्त कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं. बिलाली किस्कु का कहना है कि सब्जी उत्पादन से उनके परिवार का भरण-पोषण हो जाता है. खेती के कार्य में उनके पति एंथोनी हेम्ब्रम भी पूरा सहयोग करते हैं. सब्जी की खेती में सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता को वे अपने छोटे पंप या फिर डीप बोरिंग के माध्यम से पूरा करते हैं. पाकुड़िया प्रखंड के इन किसानों ने सब्जी उत्पादन में अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है. बिलाली किस्कू समूह से जुड़ने से पहले केवल छोटे-मोटे खेती के काम करती थीं और मुख्यतः धान की फसल ही उगाती थीं. उन्हें रवि फसल में ज्यादा रुचि नहीं थी. जब वे समूह से जुड़ीं, तब गांव में आजीविका कृषिक सखी लीलावती किस्कु, एलएचबीआरपी पप्पू गुप्ता और एफटीसी अनूप कुमार द्वारा उन्हें उन्नत खेती के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया कि किस मौसम में कौन-सी फसल अधिक लाभदायक होगी. साथ ही जैविक खेती के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गयी. गर्मियों के दिनों में टमाटर के पौधे सूख न जाएं, इसके लिए उन्होंने पौधों के ऊपर जालीदार यानी मच्छरदानी से छांव कर दिया, ताकि पौधे पर सीधी धूप न पड़े और वह सूखने से बच जाए. बिलाली ने बताया कि अब वे खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर हो गई है.
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