झारखंड के बरहरवा से 50 किलोमीटर दूर बांग्लादेश बॉर्डर से आयात-निर्यात पर रोक, ट्रकों के थमे पहिए, कारोबार प्रभावित

Updated at : 07 Aug 2024 3:37 PM (IST)
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आयात-निर्यात पर रोक के बाद खड़े ट्रक

आयात-निर्यात पर रोक के बाद खड़े ट्रक

बांग्लादेश में हिंसा का असर झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिले के कारोबार पर पड़ा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बरहरवा से 50 किलोमीटर दूर स्थित बॉर्डर से आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है

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बरहरवा/फरक्का (साहिबगंज/पाकुड़)-बांग्लादेश में हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत और बांग्लादेश के बीच आयात-निर्यात पर तत्काल रोक लगा दी है. इसके बाद से सीमावर्ती क्षेत्र पश्चिम बंगाल के मालदा, फरक्का, कलियाचक, नलहटी, राजग्राम के अलावा झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ से स्टोन चिप्स और चावल, दाल समेत अन्य खाद्य सामग्री, जो बांग्लादेश में ट्रक पर लोड होकर जाता था, उसके पहिये थम गये हैं. अधिकतर ट्रक मालिक अपना व्यापार झारखंड से बंगाल और बंगाल से बांग्लादेश करते थे. वे ट्रक खड़े कर दिये हैं. बांग्लादेश से आयात-निर्यात बंद होने के बाद पाकुड़ और साहिबगंज की अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भी प्रभाव पड़ा है, क्योंकि यहां के अधिकतर लोग पत्थर व्यवसाय से जुड़े हैं.

झारखंड से स्टोन चिप्स अब नहीं जा रहा बांग्लादेश

साहिबगंज जिले के राजमहल, बरहरवा, कोटालपोखर एवं पाकुड़ के इलाके से स्टोन चिप्स पश्चिम बंगाल जाता है. वहां से अन्य ट्रकों के सहारे बांग्लादेश जाता है. साहिबगंज के अधिकांश रेलवे स्टेशनों से भी स्टोन चिप्स मालगाड़ी के माध्यम से बांग्लादेश जाता है. गृह मंत्रालय के आदेश पर बांग्लादेश का इंडेंट भी फिलहाल रेलवे ने लगाना बंद कर दिया गया है. इस कारण बांग्लादेश के लिए स्टोन चिप्स लोड भी नहीं हो रहा है.

हर माह 10 से 15 रैक चिप्स जाता था बांग्लादेश

प्रत्येक माह 10 से 15 रैक स्टोन चिप्स बांग्लादेश जाता है. वहीं, प्रत्येक दिन साहिबगंज और पाकुड़ जिला मिलकर करीब 200 ट्रक स्टोन चिप्स पश्चिम बंगाल के सुस्तानी और वहां से बांग्लादेश बॉर्डर पार कर जाता है. इस कारण यहां की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ रहा है. स्थानीय ट्रक मालिकों को कहना है कि बॉर्डर बंद हो जाने से स्टोन चिप्स की डिमांड कम हो गयी है. अब वे लोग पश्चिम बंगाल में ही अपना माल जाकर बेच रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश जो माल जाता है, उस पर रोक लग गयी है. इस कारण वहां भी माल के खरीदार कम हो गये हैं. पश्चिम बंगाल के कलियाचक से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बांग्लादेश के बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवान कड़ी निगरानी बनाये हुए हैं. साहिबगंज के बरहरवा से बांग्लादेश का बॉर्डर लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

भारत-बांग्लादेश की सीमा पर अलर्ट हैं बीएसएफ जवान

बांग्लादेश में फैली हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल के कलियाचक सुस्तानी से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भारत-बांग्लादेश की सीमा पर गृह मंत्रालय के आदेश पर बीएसएफ के जवान हाइअलर्ट पर हैं. यहां पर जवान कड़ी निगरानी रखे हुए हैं. वहीं, फरक्का से बांग्लादेश बॉर्डर की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है. बांग्लादेश में हालात बेकाबू होने के बाद पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, कलियाचक के इलाके में भी पुलिस की नजर है. राज्य के हालात पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के पालन करने का निर्देश दिया है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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