नववर्ष पर रेलवे की बड़ी सौगात: साहिबगंज–वर्धमान मेमू पैसेंजर शुरू

अंग्रेजी नववर्ष पर रेलवे की बड़ी सौगात: 45 वर्षों बाद रेल विकास को मिली नयी रफ्तार
साहिबगंज.
अंग्रेजी नववर्ष 2026 के पहले ही दिन रेलवे ने साहिबगंज जिलावासियों को बड़ी सौगात दी है. गुरुवार, एक जनवरी को साहिबगंज से वर्धमान के लिए पहली बार मेमू पैसेंजर ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू किया गया. ट्रेन संख्या 63064 साहिबगंज–तीनपहाड़–वर्धमान मेमू पैसेंजर दोपहर 1:45 बजे प्लेटफॉर्म संख्या तीन से वर्धमान के लिए रवाना हुई. स्टेशन प्रबंधक गुड्डू साह सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया. इस मेमू पैसेंजर ट्रेन को खास बनाता है इसका अत्याधुनिक सुरक्षा सिस्टम. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम से पूरी तरह लैस “लास्ट जेनरेशन” मेमू ट्रेन है. ट्रेन के प्रत्येक कोच और संवेदनशील हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके. वहीं जीपीएस सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की गति, लोकेशन और समय की निगरानी सीधे कंट्रोल रूम और ट्रेन मास्टर द्वारा की जाएगी. रेलवे अधिकारियों का साफ कहना है कि अब इस ट्रेन में शरारती तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है. छेड़छाड़, असामाजिक गतिविधि, चोरी या अनुशासनहीनता करने वालों की पहचान तुरंत हो सकेगी और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में यह ट्रेन असामाजिक तत्वों के लिए बुरी खबर मानी जा रही है. स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि ट्रेन संख्या 63064 साहिबगंज से प्रतिदिन दोपहर 1:35 बजे वर्धमान के लिए प्रस्थान करेगी और साहिबगंज–तीनपहाड़–बरहरवा–पाकुड़ रेलखंड के सभी स्टेशनों पर रुकते हुए रात 8:25 बजे वर्धमान पहुंचेगी. वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 63063 वर्धमान–साहिबगंज मेमू पैसेंजर प्रतिदिन सुबह 6:05 बजे वर्धमान जंक्शन से साहिबगंज के लिए रवाना होगी. अब तक साहिबगंज से वर्धमान जाने के लिए यात्रियों को सीमित ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता था. 13428 साहिबगंज–हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस, 13032 जयनगर–हावड़ा एक्सप्रेस, 13024 गया–हावड़ा एक्सप्रेस और 13072 हावड़ा–जमालपुर सुपर एक्सप्रेस ही प्रमुख विकल्प थे. मेमू पैसेंजर के शुरू होने से अब आम यात्रियों, छात्रों, व्यवसायियों और मजदूर वर्ग को कम किराए में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल गया है. रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मेमू ट्रेन पहले वर्धमान से तीनपहाड़ तक ही संचालित होती थी, जिसे अब विस्तार देकर साहिबगंज तक बढ़ाया गया है. इससे साहिबगंज, तीनपहाड़, बरहरवा और पाकुड़ रेलखंड के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. गौरतलब है कि साहिबगंज का रेलवे इतिहास गौरवशाली रहा है. वर्ष 1864 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा रेलवे लाइन बिछाए जाने के बाद साहिबगंज एक प्रमुख रेल नगर बना. लेकिन 1980 के दशक के बाद यहां से ट्रेनों का परिचालन सिमटता गया और कोरोना काल में स्थिति और भी बिगड़ गयी. करीब 45 वर्षों बाद अब साहिबगंज में रेलवे विकास की नयी लकीर खींची जा रही है.
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का कायाकल्प, रेल ओवरब्रिज की स्वीकृति, तीसरी और चौथी लाइन का गजट और नयी ट्रेनों का परिचालन इस दिशा में बड़ा संकेत है. मेमू पैसेंजर का शुभारंभ इसी विकास श्रृंखला का अहम हिस्सा माना जा रहा है. ट्रेन मास्टर की पैनी नजर :शरारती तत्वों के लिए ‘खैर नहीं . इस मेमू पैसेंजर ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी सीधी निगरानी ट्रेन मास्टर और कंट्रोल रूम द्वारा की जाएगी. जीपीएस सिस्टम के जरिए ट्रेन की हर पल की स्थिति दर्ज होगी, जबकि सीसीटीवी कैमरे यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और संबंधित स्टेशन पर कार्रवाई की जाएगी. इसका साफ संदेश है कि अब ट्रेन में उपद्रव, चोरी, महिला उत्पीड़न या अव्यवस्था फैलाने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी. यह आधुनिक निगरानी व्यवस्था यात्रियों के लिए सुरक्षा की गारंटी और शरारती तत्वों के लिए सख्त चेतावनी है.
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