????????? . ?????? ????????????? ?????? ?? ????? ??? ??????? ??? ????? ????????

कुव्यवस्थ . सरकारी जिम्मेवारियां निभाने के चक्कर में स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित – शिक्षक व बच्चे शिशु मतगणना में व्यस्त————————फोटो नं 9 एसबीजी 12,13,14 हैं.कैप्सन: घर घर जाकर शिशु पंजी प्रपत्र के लिये बातचीत करते छात्रगण.बच्चो. द्वारा तैयार किया जा रहा है शिशु पंजी.नकल करते प्राचार्य.हाल: स्टेडियम रोड स्थित उर्दू मध्य विद्यालय का.नगर प्रतिनिधि, साहिबगंजसरकार […]
कुव्यवस्थ . सरकारी जिम्मेवारियां निभाने के चक्कर में स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित – शिक्षक व बच्चे शिशु मतगणना में व्यस्त————————फोटो नं 9 एसबीजी 12,13,14 हैं.कैप्सन: घर घर जाकर शिशु पंजी प्रपत्र के लिये बातचीत करते छात्रगण.बच्चो. द्वारा तैयार किया जा रहा है शिशु पंजी.नकल करते प्राचार्य.हाल: स्टेडियम रोड स्थित उर्दू मध्य विद्यालय का.नगर प्रतिनिधि, साहिबगंजसरकार ने शिक्षकों को जिम्मेवारी सौंपी है कि वो अपने विद्यालय क्षेत्र में शिशु गणना का काम करे. लेकिन कुछ शिक्षक इस निर्देश का पालन दूसरे ढंग से कर रहे हैं. साहिबगंज के एक विद्यालय में शिक्षक खुद शिशु गणना ना कर अपने विद्यालय के बच्चों से ही यह काम करवा रहे हैं. बच्चे घर घर जा रहे हैं और जानकारी जुटा रहे हैं कि उस घर में कितने बच्चे हैं और कौन कौन हैं. बात शहर के सिदो कान्हू स्टेडियम के सामने स्थित उर्दू मध्य विद्यालय की हो रही है. यहां के प्रधानाध्यापक मो कमरूजमा हैं. जो बच्चों से शिशु गणना सादे कागज पर करवा रहे हैं और फिर उसकी नकल कर सरकारी फार्मेट में भर रहे हैं. बुधवार को स्टेडियम रोड स्थित कब्रिस्तान के सामने घर पर पांच स्कूली बच्चे जो स्कूल ड्रेस में थे, दो बच्चों के हाथ में शिशु पंजी का फोरमेट था. एक बच्चे दरवाजा खटखटाया घर से एक महिला निकली तो बच्चों ने कहा कि हमलोग उर्दू मध्य विद्यालय से आये हैं. शिशु पंजी बाल गणना का कार्य कर रहे हैं. आप बतायें आपके घर में कौन-कौन बच्चे हैं. जब बच्चों से पूछा गया कि किसने यह काम करने को कहा तो उन्होंने साफ कहा स्कूल के हेडमास्टर साहब ने प्रपत्र का फोरमेट व सादा कॉपी शिशु गणना के लिए ही दिये हैं. साथ ही कहा है कि हर आंकड़े को सादे कॉपी में कायदे से लिखना है. यह हाल सिर्फ इसी विद्यालय का नहीं है, जिले में कई ऐसे विद्यालय हैं जहां ऐसा काम हो रहा है.हेडमास्टर साहब के तीन बयानपहला बयानइस बाबत जब उर्दू मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो कमरूजमा से पूछा गया तो पहले उन्होंने सीधा इनकार कर दिया और कहा वे किसी बच्चे से शिशु गणना का कार्य नहीं करवा रहे हैं.दूसरा बयानलेकिन जब उन्हें बच्चों की तसवीर दिखायी गयी तो उन्होंने स्वीकारा, लेकिन यहां भी उन्होंने कहा कि केवल एक ही घर में बच्चों से शिशु गणना संबंधी जानकारी लेने भेजा था.तीसरा बयानजब हेडमास्टर साहब को कहा गया कि बच्चों ने बुधवार को एक-दो नहीं बल्कि 15 घरों में जाकर सर्वे किया है तो वे ट्रैक पर आये और कहा हम क्या करें शिक्षकों की कमी है विद्यालय में मेरे अलावे एक महिला शिक्षिका ममता कुमारी है जो 6 दिसंबर से सीएल पर हैं. अकेले वे पढ़ायेंगे व आॅफिसियल काम करेंगे या शिशु गणना करने घर-घर जायेंगे.क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधीक्षकजिला शिक्षा अधीक्षक जय गोविंद सिंह ने स्कूली बच्चों द्वारा कराये जा रहे शिशु पंजी प्रपत्र भरने की बात को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जायेगी.————————-ये कैसी व्यवस्था!एक तरफ सरकार बच्चों को तरह-तरह की सुविधा देकर स्कूल में उनका ठहराव सुनिश्चित करने व शिक्षा व्यवस्था सुधारने में लगी है. दूसरी ओर शिक्षक व बच्चे सरकारी कामों में व्यस्त हैं. एक विद्यालय तीन सौ बच्चे व आधे दर्जन सरकारी काम. अब एक शिक्षक पढ़ायेंगे या सरकारी काम करेंगे. ना तो सरकार कभी विद्यालयों पर ध्यान देती है ना ही कोई ठोस कदम उठाती है. शिक्षा विभाग में एक काम जरूर होता है, सरकार ने जो भी रुपये भेजे हैं उसे सही जगह पर सही समय पर खर्च कर दो वरना आलाधिकारियों की डांट सुनिश्चित है. शिक्षक भी अब यही फंडा अपनाने लगे हैं स्कूल में पढ़ाई हो या ना हो जो सरकारी काम की जिम्मेवारी मिली है उसे पूरा करो आैर एमडीएम जरूर बनाओ. ये कैसी व्यवस्था है. सब देखते हुए भी सरकार अनजान बनी हुई है. ऐसे स्कूल एक नहीं हैं बल्कि दर्जन भर हैं जहां ऐसा हो रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




