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राजमहल : गहरी आस्था का प्रतीक है माघी मेला

Updated at : 10 Feb 2020 7:51 AM (IST)
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राजमहल : गहरी आस्था का प्रतीक है माघी मेला

राजमहल. गंगातट पर लगा राज्य के मंत्रियों का जमावड़ा, कहा राजमहल : राजमहल उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आदिवासियों के लिए कुंभ के रूप में प्रचलित राजकीय माघी पूर्णिमा मेला का उद्घाटन रविवार को झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, कृषि मंत्री बादल व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने […]

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राजमहल. गंगातट पर लगा राज्य के मंत्रियों का जमावड़ा, कहा
राजमहल : राजमहल उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आदिवासियों के लिए कुंभ के रूप में प्रचलित राजकीय माघी पूर्णिमा मेला का उद्घाटन रविवार को झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, कृषि मंत्री बादल व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया. इसके साथ ही पवित्र गंगा तट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगायी. उद्घाटन के मौके पर मंत्री आलमगीर ने कहा : माघी पूर्णिमा मेला श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है. सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के साथ लोगों का विश्वास जुड़ा हुआ है. सैकड़ों वर्ष पहले राजा मानसिंह के कार्यकाल में मेले का शुरुआत हुआ. ऐसी मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के अवसर पर पूजा-अर्चना करने से लोगों की मनोकामना पूरी होती है.
इस कारण लोगों की आस्था बढ़ती गयी. बिहार, बंगाल तथा नेपाल सहित दूर-दराज के इलाके से लोग यहां पहुंचते हैं. इसे सहेजने की जरूरत है. उत्तरवाहिनी गंगा से बढ़ जाती है राजमहल की खूबसूरती : वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा : राजमहल की खूबसूरती से मैं बखूबी परिचित हूं. एकतरफ उत्तरवाहिनी गंगा तट, दूसरी ओर पहाड़ किनारे बसे जनजातीय समुदाय के लोग यहां की परंपरा और संस्कृति के लिए जाने जाते हैं. माघी पूर्णिमा श्रद्धालुओं के लिए कुंभ से कम नहीं : : कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा : उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्थित राजमहल जो कभी बिहार, बंगाल व ओड़िशा का राजधानी हुआ करता था. खूबसूरत गंगा तट पर माघी पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ महाकुंभ से कम नहीं है. जिला प्रशासन द्वारा अच्छी व्यवस्था की गयी है.
राजमहल : प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेवारी : मिथिलेश
राजमहल : पेयजल व स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा : पहली बार राजमहल आगमन हुआ है. पर गंगा काफी साफ-सुथरी दिखी, इससे पता चलता है कि स्थानीय लोग इसके प्रति जागरूक हैं. इसे आगे भी सहेजने की जरूरत है. जल, जंगल, जमीन और सभी प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है. मेले में संस्कृति व राधे की झलक मिलती है. इसके पूर्व उन्होंने फीता काटकर व नारियल फोड़ कर विधिवत मेले का उद्घाटन किया. मौके उपायुक्त वरुण रंजन, पुलिस कप्तान अमन कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
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