रांची जिले में 113 इमारतों पर लगे रूफटाॅप सोलर पैनल, 2070 तक नेट-जीरो के स्तर तक पहुंचने की ओर मजबूत कदम

Updated at : 11 Mar 2022 1:22 PM (IST)
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Gigafactory | Symbolic Image

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प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य बहुत खास इसलिए है क्योंकि ग्लास्गो में भारत ने 2070 तक नेट-जीरो के स्तर तक पहुंचने का वादा किया है और इसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में झारखंड भी अपना योगदान दे रहा है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में कहा था कि देश ने सीओपी-26 में पर्यावरण के लिए जीवनशैली का एक दृष्टिकोण सामने रखा है. पीएम मोदी ने कहा भारत ने अपने लिए जो भी लक्ष्य तय किए हैं, उसे मैं चुनौती की तरह नहीं बल्कि अवसर की तरह देखता हूं. इसी दृष्टिकोण पर भारत बीते वर्षों से चल रहा है और इस बजट में इनको नीतिगत स्तर पर और आगे बढ़ाया गया है.

भारत का 2070 तक नेट-जीरो के स्तर तक पहुंचने का वादा

प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य बहुत खास इसलिए है क्योंकि ग्लास्गो में भारत ने 2070 तक नेट-जीरो के स्तर तक पहुंचने का वादा किया है और इसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में झारखंड भी अपना योगदान दे रहा है.

तीन हजार केडब्ल्यूपी का रूफटाॅप पैनल सोलर पैनल

झारखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जेरेडा सतत प्रयत्नशील है और ना सिर्फ ग्रामीण इलाकों में बल्कि शहरी इलाकों में भी सौर ऊर्जा के कई पैनल लगाये जा रहे हैं, जिससे बिजली की आपूर्ति हो रही है. रांची जिले में साढ़े तीन हजार केडब्ल्यूपी का रूफटाॅप पैनल सोलर पैनल लगा है.

113 इमारतों पर रूफ टाॅप सोलर पैनल लगाये गये

जेरेडा द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न कार्यालयों, अस्पतालों, पार्क और कई अन्य इमारतों पर रूफटाॅप पैनल गया गया है, जिसमें सबसे अधिक क्षमता का पैनल रांची रिम्स में लगाया है. यहां 400 केडब्ल्यूपी का पैनल लगा है जो राज्य के सबसे बड़े अस्पताल की बिजली की जरूरतों को यह पूरा करता है. रांची जिले में अबतक 113 इमारतों पर रूफ टाॅप सोलर पैनल लगाया गया है. जिनमें रांची कमिशनरी, होटवार जेल, रिम्स, रिनपास, ओरमांझी जू, नेशनल लाॅ काॅलेज आदि शामिल हैं.

जेरेडा की रूफ टाॅप पाॅलिसी की शुरुआत 2018 में हुई

जेरेडा की रूफ टाॅप पाॅलिसी की शुरुआत 2018 में हुई है. इस योजना का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन पर निर्भरता को कम करना है. रूफ टाॅप सोलर पैनल प्रदेश के कई सरकारी इमारतों पर लगाया गया है और वहां की बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है. इस पाॅलिसी की मदद से बिजली की हमारी भविष्य की मांगों को पूरा करने में भी सहयोग मिलेगा और यह पाॅलिसी आने वाले दिनों में काफी महत्वपूर्ण हो जायेगी.

बंजर भूमि पर भी सोलर पैनल लगाया गया

झारखंड सरकार रूफटॉप सोलर पैनल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कई बार बयान दिया है. इमारतों के अलावा इस योजना के तहत बंजर भूमि पर भी सोलर पैनल लगाया जाता है और उसका उपयोग किया जाता है. इस योजना का मूल उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और आम लोगों को सस्ते दर पर बिजली उपलब्ध कराना है.

दुर्गम इलाकों पर बिजली पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

गौरतलब है कि हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दुर्गम इलाकों जहां ग्रिड के जरिये विद्युतीकरण संभव नहीं है वहां सोलर पैनल द्वारा बिजली पहुंचाया जा रहा है. झारखंड बिजली वितरण निगम ऐसे सुदूरवर्ती गांवों को चिह्नित कर वहां सौर ऊर्जा के जरिये बिजली पहुंचाया. आगे भी इस योजना पर काम किया जा रहा है. झारखंड सरकार दुर्गम इलाकों में स्थित गांवों या कस्बों का 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत स्थापित मिनी ग्रिड अथवा सोलर स्टैंड एलोने होम लाइटिंग सिस्टम के जरिए विद्युतीकरण करने की योजना पर काम हो रहा है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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