World Radio Day: 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस, आप भी बन सकते हैं RJ, जानें इसके लिए क्या है योग्यता

Updated at : 09 Feb 2023 2:32 PM (IST)
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World Radio Day: 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस, आप भी बन सकते हैं RJ, जानें इसके लिए क्या है योग्यता

13 फरवरी को देशभर में विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है. रेडियो संचार का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है. यह मनोरंजन में भी अहम भूमिका निभाता है. नये जमाने के करियर विकल्पों में रेडियो जॉकी यानी आरजे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. आपका बोलने का लहजा और सेंस ऑफ ह्यूमर अगर अच्छा है, तो आप आरजे बन सकते हैं.

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सुबह दफ्तर के लिए निकलना और लंबे रास्ते में ट्रैफिक के बीच रेडियो पर अपने पसंदीदा रेडियो जॉकी को सुनना हममें से कइयों की दिनचर्या का हिस्सा है. सुनने वालों को रेडियो जॉकी की आवाज व बोलने का अंदाज जितना रोचक लगता है, आरजे के लिए अपने श्रोताओं को खुद से जोड़े रखना उतना ही चैलेंजिंग होता है. आप में अगर हाजिर जवाबी होने की खूबी, सेंस ऑफ ह्यूमर व संगीत की अच्छी समझ है, तो आप आरजे के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं.

रेडियो जॉकी का काम

श्रोताओं का मनोरंजन करने के साथ-साथ रेडियो जॉकी का काम उन्हें महत्वपूर्ण खबरों की जानकारी देना भी है. आरजे के काम में विभिन्न प्रकार के म्यूजिक प्रोग्राम प्रस्तुत करना, कलाकारों, मशहूर हस्तियों, संगीत या फिल्म से संबंधित लोगों के साक्षात्कार लेना शामिल है. आरजे डॉक्यूमेंट्री को भी प्रस्तुत करते हैं. वे ऑडियंस से बात करने एवं उनकी रिक्वेस्ट के आधार पर गाने प्ले करने के अलावा शो को प्रभावी बनाने के लिए क्रिएटिव प्रोड्यूसर व राइटर के साथ मिलकर शो की स्क्रिप्ट पर काम करते हैं. इस दौरान उन्हें अपनी टारगेट ऑडियंस की डिमांड पर विशेष ध्यान देना होता है. शो की स्क्रिप्टिंग, प्रूफरीडिंग, प्लानिंग के साथ-साथ लाइव टेलीकास्ट के दौरान किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए उन्हें हर संभव प्रयास करने होते हैं. रेडियो जॉकी को रेडियो पर चलनेवाले एडवर्टाइजमेंट के लिए भी काम करना होता है.

आप बन सकते हैं आरजे

यूं तो आरजे बनने के लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को आरजे के रूप में तैयार करने के लिए आप बारहवीं के बाद रेडियो प्रोग्रामिंग/जॉकिंग में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं. इन कोर्सेज में मुख्य रूप से डिप्लोमा इन रेडियो प्रोग्रामिंग व ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन रेडियो प्रोडक्शन व रेडियो जॉकी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन रेडियो जॉकिंग आदि किया जा सकता है.

स्किल्स जो बढ़ाते हैं आगे

अच्छा वक्ता होना आरजे बनने की सबसे महत्वपूर्ण खूबी होती है. इसके अलावा आपको हर परिस्थिति को सही अंदाज में सम्हालना आना चाहिए. प्रेजेंटेशन स्किल भी बेहतर होना चाहिए.

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करियर राहें हैं यहां

टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ रेडियो इंडस्ट्री में भी परिवर्तन देखने को मिले हैं. अब रेडियो घरों से निकलकर लोगों के हाथों तक पहुंच चुका है. लोग मोबाइल के माध्यम से कहीं भी, कभी भी अपना पसंदीदा एफएम चैनल सुन सकते हैं. एफएम चैनलों की बढ़ती संख्या के साथ रेडियो जॉकी के लिए काम के अवसर भी बढ़े हैं. एक रेडियो जॉकी के रूप में आप आकाशवाणी व टाइम्स एफएम में जॉब के अवसर तलाश सकते हैं. रेडियो धूम, रेडियो मिड−डे, रेडियो वाणी, रेडियो मिर्ची व अन्य लोकल रेडियो स्टेशंस का हिस्सा बन सकते हैं. इसके अलावा आप वॉइस ओवर कमर्शियल एवं लाइव शो होस्ट करने के मौके भी प्राप्त कर सकते हैं.

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