ग्रामीणों ने विस्थापन की लगायी गुहार

Published by : DINESH PANDEY Updated At : 09 Dec 2025 8:18 PM

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करकट्टा, विश्रामपुर व खिलानधौड़ा में दहकती धरती से दहशत

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प्रतिनिधि, खलारी.

विगत एक दशक से भूमिगत खदान को खोलकर छोड़ दिये जाने की लापरवाही अब करकट्टा, विश्रामपुर और खिलानधौड़ा के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है. जमीन के भीतर लगातार धधक रही आग, दमघोंटू गैसों का निकलना और जगह-जगह हो रहे भू-धंसान ने पूरे क्षेत्र को भय और असुरक्षा के साये में ढक दिया है. इसी चिंता को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी खलारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा और त्वरित विस्थापन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की. झामुमो नेता अनिल कुमार पासवान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अंचल कार्यालय पहुंचा, जहां वरीय लिपिक को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि करकट्टा स्थित बंद भूमिगत कोयला खदान को करीब 10 वर्ष पूर्व खुला खदान बनाकर खुला छोड़ दिया गया था. तब से लेकर आज तक इस खदान को भरने या सुरक्षा के अन्य उपाय करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये. परिणामस्वरूप जमीन के भीतर आग लगातार फैलती जा रही है और आसपास के गांवों में दमघोंटू गैसों के कारण लोगों की जिंदगी संकट में पड़ गयी है. ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर जमीन अचानक धंस रही है. यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह पूरा इलाका झरिया की तरह कभी भी जमींदोज हो सकता है. प्रभावित क्षेत्र की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्यसभा सांसद महुआ माजी स्वयं यहां पहुंची थीं और उन्होंने स्थिति का निरीक्षण किया था. इसके बाद सीसीएल एनके एरिया प्रबंधन द्वारा विस्थापन प्रक्रिया के तहत घरों की नापी शुरू की गयी थी, परंतु ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ ही दिनों में यह पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चला गया. दोबारा कोई पहल नहीं की गयी. आशंका जतायी गयी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आनेवाले समय में यहां मानवीय त्रासदी से इनकार नहीं किया जा सकता है. ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी से आग्रह किया है कि करकट्टा, विश्रामपुर और खिलानधौड़ा के निवासियों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कराया जाये, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके.

इधर प्रभात खबर में खबर छपने के बाद मंगलवार दोपहर 12 बजे एनके एरिया सेफ्टी अफसर नितिन झा करकट्टा स्थित बंद केडीएच पैच खदान का मुआयना किया. साथ ही खदान में आग लगे जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी.

खलारी में झरिया जैसी तबाही का खतरा

करकट्टा, विश्रामपुर व खिलानधौड़ा में दहकती धरती से दहशत

09 खलारी 02:- अंचल अधिकारी खलारी के नाम वरीय लिपिक को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण.

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