वन महोत्सव : हेमंत सोरेन ने की घोषणा, शहरी क्षेत्र के कैंपस में लगाएं पौधे, हर पेड़ पर 5 यूनिट बिजली फ्री

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को प्राकृतिक संतुलन बनाकर ही रोका जा सकता है. झारखंड के शहरी क्षेत्र में रहने वाले वैसे परिवार जो अपने घर के कैंपस में पेड़ लगाएंगे, उन्हें राज्य सरकार प्रति पेड़ 5 यूनिट बिजली फ्री देगी.
हर दिन होना चाहिए वन महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करते हुए जिस प्रकार हम विकास की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, उससे विनाश को भी आमंत्रण दे रहे हैं. अगर सामंजस्य नहीं बैठाया तो मनुष्य जीवन को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. जीवन जीने के लिए पेड़ का होना जरूरी है. किसी भी वजह से पेड़ कटता है तो उसकी भरपाई पेड़ लगाकर होनी चाहिए, यह हम सभी को मिलजुलकर सुनिश्चित करना है. वन महोत्सव कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि हर दिन वन महोत्सव होना चाहिए. जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व में एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है. जलवायु परिवर्तन से हमें सचेत रहने की आवश्यकता है क्योंकि प्राकृतिक असंतुलन के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है और मनुष्य को ही इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा.
झारखंड धरती पर अलग और अद्भुत स्थान रखता है
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि धरती पर झारखंड अलग और अद्भुत स्थान रखता है. झारखंड डायनासोर युग के इतिहास को भी संरक्षित किए हुए है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से झारखण्डवासियों के लिए चाकुलिया, गिरीडीह, साहेबगंज एवं दुमका में जैवविविधता पार्क का निर्माण किया जा रहा है. गर्व की बात है राज्य का पहला एवं अनूठा फॉसिल पार्क जनता को समर्पित किया गया है. इस फॉसिल पार्क में धरती की उत्पत्ति से संबंधित कई अवशेष और जानकारियां मिलती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य का नाम जंगलों पर आधारित है. झारखंड जंगलों से जुड़ा शब्द है. झारखंड प्रदेश में सबसे अधिक आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं जिनका जीवन जंगल, नदी, पहाड़-पर्वत के इर्द-गिर्द ही कटता है.
वन आधारित क्षेत्रों से आरा मशीन हटाने का निर्देश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के जंगलों में पेड़ों को कटने से बचाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि वन आधारित क्षेत्रों में अब आरा मशीन प्लांट नहीं लगेगा. जो भी आरा मशीनें पहले से स्थापित हैं उन्हें भी हटाने का निर्देश दिया गया है. वन आधारित 5 किलोमीटर क्षेत्रों में आरा मशीन प्लांट किसी भी कीमत पर नहीं लगेगी अधिकारी यह सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों की कटाई को लेकर कई बार ग्रामीणों की शिकायतें मिली है. जंगल के बीच में आरा मिल का होना पदाधिकारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है. यह षड्यंत्र व्यक्तिगत हितों के लिए रचा जा रहा है. ऐसे लोगों को अपने कार्यशैली पर लगाम लगाने की जरूरत है. इस अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव-सह-प्रधान सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री एल.खियांग्ते, आईआईएम के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार बाला सहित अन्य उपस्थित थे.
Posted By : Guru Swarup Mishra
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