रांची. भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है, दूर हो के भी तू साथ है… जैसे गीतों के बीच रविवार को पहाड़ी मंदिर स्थित महाकाल मंदिर में हल्दी मेंहदी की रस्म अदा की गयी. यह आयोजन बाबा भोलेनाथ के विवाह को लेकर श्री शिव बारात आयोजन केंद्रीय महासमिति पहाड़ी मंदिर (मुख्य द्वार) ने किया. इस अवसर पर पहाड़ी बाबा का फूलों से शृंगार किया गया. भगवान शिव को सबसे पहले हल्दी और तेल का लेपन कर तिलक किया गया. स्नान कराकर नये वस्त्र धारण करवाये गये. उन्हें पीले फूलों से सजाया गया. मंदिर आये भक्त भी भगवान की हल्दी रस्म में शामिल हुए और एक-दूसरे को भगवान की प्रसाद रूपी हल्दी भी चढ़ायी. हल्दी रस्म के बाद मंदिर में भगवान शिव का संगीत भी हुआ.
मोरी बिगड़ी बनायी दे हो भोलेनाथ मोर भंगिया के मनायी दे …
महिलाओं ने बात मोरी बिगड़ी बनायी दे हो भोलेनाथ मोर भंगिया के मनायी दे …और शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ…जैसे भजन पेश किये और संगीत रस्म की. श्री दुर्गा जागरण मंडली की ज्योति अरोड़ा, शशि किंगर, कौशल्या देवी और पूनम तलेजा ने भोले शंकर तेरी क्या ही बात है…, मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी… भोले नाथ रे ओ शंभू नाथ रे… जैसे भजनों पर भक्तों को झुमाया. संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल, अध्यक्ष गुलशन मिढ़ा ने बताया कि 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि को पहाड़ी बाबा के मुख्य द्वार से पहली शिव बारात निकाली जायेगी. इसमें झांकी आकर्षण का केंद्र होगा. इस अवसर पर मुख्य संयोजक ललित ओझा, राजू काठपाल, संजय जायसवाल, नरेश मक्कड़ नेशु, जीतू अरोड़ा, रिंकू, राजू सिन्हा, मोनू शर्मा, विनय सिंह, अजीत सिंह, मोहन गोस्वामी, प्रिया बर्मन, वीणा श्री, अंजना प्रियदर्शनी और वीणा सिंह आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

