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रांची की ‘निर्भया’ को इंसाफ दिलाने वाले सीबीआइ अफसर परवेज आलम समेत झारखंड के 5 पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करेगा गृह मंत्रालय

Updated at : 12 Aug 2020 9:03 PM (IST)
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रांची की ‘निर्भया’ को इंसाफ दिलाने वाले सीबीआइ अफसर परवेज आलम समेत झारखंड के 5 पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करेगा गृह मंत्रालय

Jharkhand News, Excellence in Investigation Award, CBI Officer Parvez Alam, Ranchi News, Justice To Nirbhaya of Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची की निर्भया को इंसाफ दिलाने वाले सीबीआइ अधिकारी समेत प्रदेश के 5 पुलिस वालों को पुरस्कृत किया जायेगा. ये लोग उन 121 पुलिस अफसरों में शामिल हैं, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्री के बेहतर अनुसंधानक का पदक मिलेगा. बुधवार (12 अगस्त, 2020) को गृह मंत्रालय ने इस पदक से नवाजे जाने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की पूरी सूची जारी की. पुरस्कार पाने वालों में सबसे ज्यादा 15 अधिकारी सीबीआइ से हैं.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची की निर्भया को इंसाफ दिलाने वाले सीबीआइ अधिकारी समेत प्रदेश के 5 पुलिस वालों को पुरस्कृत किया जायेगा. ये लोग उन 121 पुलिस अफसरों में शामिल हैं, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्री के बेहतर अनुसंधानक का पदक मिलेगा. बुधवार (12 अगस्त, 2020) को गृह मंत्रालय ने इस पदक से नवाजे जाने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की पूरी सूची जारी की. पुरस्कार पाने वालों में सबसे ज्यादा 15 अधिकारी सीबीआइ से हैं.

झारखंड से जिन लोगों को उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए चुना गया है, उसमें रांची सीबीआइ एसीबी शाखा के तीन इंस्पेक्टर और झारखंड पुलिस के एक डीएसपी एवं एक एसआइ शामिल हैं. रांची के बूटी बस्ती बीटेक छात्रा हत्याकांड का खुलासा करनेवाले सीबीआइ के इंस्पेक्टर परवेज आलम के अलावा इंस्पेक्टर ज्योर्तिरमोयी मांझी और इंस्पेक्टर आशीष आनंद को भी उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए सम्मान दिया गया है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) अधिकारी के रूप में परवेज आलम ने एक ब्लाइंड केस को सुलझाया था. उन्होंने न केवल केस की गुत्थी को सुलझाकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके खिलाफ पूरी जांच के बात पुख्ता सबूत कोर्ट में पेश किये, जिसकी बिना पर अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनायी.

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रांची में 16 दिसंबर 2016 की सुबह बूटी मोड़ में बीटेक की एक छात्रा का शव जली अवस्था में बरामद हुआ था. झारखंड पुलिस और सीआइडी इस कांड में सुराग तलाशने में नाकाम साबित हुई. ऐसे में केस केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) को ट्रांसफर कर दिया गया.

झारखंड पुलिस से ही प्रतिनियुक्ति पर सीबीआइ में गये इंस्पेक्टर परवेज आलम को केस का अनुसंधानक बनाया गया. इस मामले में परवेज आलम ने न सिर्फ आरोपी राहुल को गिरफ्तार किया, बल्कि सीबीआइ की विशेष अदालत से उसे फांसी की सजा भी दिलवायी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुरस्कृत किये जाने वाले अधिकारियों की जो सूची जारी की है, उसमें रांची के डीएसपी नीरज कुमार और सब इंस्पेक्टर पुष्पराज कुमार सिंह के नाम भी हैं.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी सूची के मुताबिक, कुल 121 पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा. इसमें रांची के डीएसपी नीरज कुमार और सब इंस्पेक्टर पुष्पराज कुमार सिंह भी शामिल हैं. दोनों को बेहतर अनुसंधानक पदक से नवाजा गया है. इस बार बेहतर अनुसंधानक पदक जीतने वाले सबसे ज्यादा 10 लोग सीबीआइ के अधिकारी हैं.

गृह मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुरस्कार पाने वाले सबसे ज्यादा 15 लोग सीबीआइ से हैं. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस के 10-10 पुलिस वालों को यह पुरस्कार मिलेगा. 8 लोग उत्तर प्रदेश पुलिस से हैं, तो 7-7 लोग केरल और पश्चिम बंगाल पुलिस से हैं. पुरस्कृत होने वाले 121 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों में 21 महिलाएं हैं.

रांची पुलिस के डीएसपी (मुख्यालय-1) नीरज कुमार को कांके थाना क्षेत्र में 27 नवंबर 2019 को 12 लोगों द्वारा युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले का खुलासा रिकॉर्ड समय में करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है. खूंटी पुलिस के एसआइ पुष्पराज कुमार को अंजली उर्फ विनीता तिर्की हत्याकांड का खुलासा करने के मामले में सम्मानित किया गया है.

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सिमडेगा निवासी विनीता की हत्या कर 26 दिसंबर, 2019 को खूंटी थाना क्षेत्र में जला दिया गया था. इस मामले में चार दिनों के अंदर आरोपी आरती उर्फ पूजा व मो फिरदौस रशीद को पुलिस ने गिरफ्तार कर कांड का खुलासा किया था. इस मामले में एक अन्य अभियुक्त नितेश गोप फिलवक्त फरार है. उसके खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गयी है.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि अपराध के अनुसंधान में बेहतरी के लिए वर्ष 2018 में इस पुरस्कार को देने की शुरुआत हुई थी. अपने काम को बेहतर और पेशेवर तरीके से अंजाम देने वाले जांच पदाधिकारियों में उत्साह भरने और उन्हें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस पुरस्कार की शुरुआत की गयी थी.

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Posted By : Mithilesh Jha

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