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कुड़मी समुदाय का दावा भ्रामक : गीताश्री उरांव

Updated at : 05 Oct 2025 12:25 AM (IST)
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कुड़मी समुदाय का दावा भ्रामक : गीताश्री उरांव

आदिवासी संगठनों की बैठक शनिवार को सिरमटोली सरना स्थल में हुई. मौके पर कुड़मी संगठनों की एसटी दर्जा पाने की मांग का विरोध किया गया.

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रांची. आदिवासी संगठनों की बैठक शनिवार को सिरमटोली सरना स्थल में हुई. मौके पर कुड़मी संगठनों की एसटी दर्जा पाने की मांग का विरोध किया गया. आदिवासी संगठनों ने इसके खिलाफ 17 अक्तूबर को धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में आदिवासी हुंकार महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया. मौके पर पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि महारैली की तैयारी रांची सहित विभिन्न प्रमंडलों में चल रही है. यह रैली ऐतिहासिक होगी. उन्होंने कहा कि कुड़मी समुदाय का दावा भ्रामक है. आजादी के बाद उन्होंने खुद को पिछड़ा वर्ग में दर्ज कराया. अब एसटी दर्जा मांग रहे हैं, जिसे संवैधानिक तथ्यों में खारिज किया गया है. इस मांग का विरोध झारखंड सहित कई अन्य राज्यों में भी हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह विरोध पूरी तरह सामाजिक है. लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि 17 अक्तूबर की महारैली को लेकर बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. रांची के अलावा जमशेदपुर, लोहरदगा, बोकारो सहित कई जिलों में अलग-अलग रैलियां होंगी. इस मामले में सरकार और राजनीतिक दलों को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी. यह महारैली पूरी तरह आदिवासी समुदाय की ओर से है, जिसमें झारखंड के सभी आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि आदिवासी समुदाय के एक अन्य समूह की ओर से 12 अक्तूबर को भी महारैली आयोजित की जायेगी. बैठक को पूर्व मंत्री देवकुमार धान और भारत आदिवासी पार्टी के प्रेमशाही मुंडा ने भी संबोधित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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