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रांची विश्वविद्यालय में नौ जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं के नामांकन में रहेगी विषय की बाध्यता

Updated at : 31 Aug 2022 1:19 PM (IST)
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रांची विश्वविद्यालय में नौ जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं के नामांकन में रहेगी विषय की बाध्यता

रांची विश्वविद्यालय के पीजी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (टीआरएल) केंद्र अंतर्गत नौ भाषाओं की पढ़ाई होती है. इन भाषाओं में पिछले दो सत्र में किसी भी संकाय के विद्यार्थी नामांकन ले सकते थे.

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रांची विश्वविद्यालय के पीजी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (टीआरएल) केंद्र अंतर्गत नौ भाषाओं की पढ़ाई होती है. इन भाषाओं में पिछले दो सत्र में किसी भी संकाय के विद्यार्थी नामांकन ले सकते थे. लेकिन, अब इस सत्र से यह सुविधा समाप्त हो जायेगी. अब उसी भाषा के विद्यार्थियों का नामांकन होगा. जैसे- नागपुरी भाषा से स्नातक विद्यार्थी का नामांकन ही अब नागपुरी के पीजी में हो पायेगा.

डीएसडब्ल्यू डॉ राजकुमार शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पीजी टीआरएल में संबंधित विषय के विद्यार्थी ही नामांकन ले सकेंगे. रांची विवि प्रशासन की ओर से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के नौ विभागों में नामांकन के लिये विषय की बाध्यता समाप्त कर दी गयी थी. इन भाषाओं में नागपुरी, खड़िया, पंच परगनिया, हो, कुड़ुख, मुंडारी, कुरमाली, संताली व खोरठा शामिल हैं. पिछले सत्र में इन विषयों में साइंस और इंजीनियरिंग के छात्रों ने भी नामांकन लिया था.

पीजी के इस सत्र में नहीं लागू होगी नयी शिक्षा नीति

रांची विवि में पीजी का नामांकन 15 सितंबर से शुरू हो सकता है. स्नातक सेमेस्टर सिक्स का रिजल्ट प्रकाशित होना शुरू हो गया है. इस सत्र में नयी शिक्षा नीति लागू नहीं होगी. चांसलर पोर्टल के माध्यम से ही नामांकन प्रक्रिया होगी और विद्यार्थी दो वर्ष में पीजी करेंगे.

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