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झारखंड में खेल प्रशिक्षकों की नहीं चलेगी मनमानी, अब ऐसे साबित करनी होगी सेंटर में मौजूदगी

Updated at : 24 May 2025 8:24 PM (IST)
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खेल के मैदान में खिलाड़ी

Sports Trainers: झारखंड के प्रत्येक डे-बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है. खेल प्रशिक्षकों की मनमानी पर खेल निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है. खेल प्रशिक्षकों को अब जीआई टैग फोटो से अपनी मौजूदगी साबित करनी होगी. डे-बोर्डिंग खेल प्रशिक्षण केंद्रों की गतिविधियों पर रिपोर्ट मांगी गयी है.

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Sports Trainers: रांची-झारखंड सरकार ने राज्य के खेल प्रशिक्षकों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है. खेल निदेशालय ने इस बाबत सारे डे-बोर्डिंग खेल प्रशिक्षण केंद्रों को पत्र भेज कर प्रशिक्षकों से सेंटर में चल रहे प्रशिक्षण की गतिविधियों पर रिपोर्ट मांगी है. वहीं, प्रशिक्षकों को सेंटर में रहने का भी प्रमाण जीआई टैग फोटो के जरिए देना होगा.

कई जिलों से मिली थी शिकायत

खेल विभाग को कई जिलों से शिकायत मिली थी. इसमें प्रशिक्षकों द्वारा नियमित अभ्यास सत्र नहीं कराने, खिलाड़ियों के चयन में पक्षपात करने और प्रशिक्षण स्थलों पर गैरहाजिरी की बात सामने आयी थी. इसे गंभीरता से लेते हुए खेल निदेशालय ने सभी जिला खेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात प्रशिक्षकों की निगरानी करें और अनुशासनहीनता पाये जाने पर तत्काल रिपोर्ट भेजें. विभाग का मानना है कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में प्रशिक्षकों की भूमिका अहम होती है. ऐसे में खिलाड़ियों के प्रति प्रशिक्षकों की लापरवाही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम होगा लागू


राज्य के प्रत्येक डे-बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है. सभी जिला खेल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक डे-बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन निदेशालय को भेजें. निदेशालय ने यह भी कहा है कि जिन प्रशिक्षण केंद्रों में बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं लग सकता, उसकी सूची कारण के साथ भेजें.

कार्य में लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई : खेल निदेशक


खेल निदेशक संदीप कुमार ने कहा कि सारे प्रशिक्षकों का ग्रुप भी बनाया गया है, ताकि प्रत्येक दिन की गतिविधियों की जानकारी उसमें भेज सकें. इससे प्रशिक्षकों के कार्यों का भी मूल्यांकन हो पायेगा. उन्होंने कहा कि सभी जिला खेल पदाधिकारियों से कहा गया है कि जिले में जितने भी डे-बोर्डिंग सेंटर हैं, वहां खुद से जाकर वेरिफाई करें कि प्रशिक्षक हर दिन आ रहे हैं या नहीं. कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की बात कही है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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