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कभी खुद करती थीं नौकरी, आज बांट रहीं नौकरियां

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
कनिका मलहोत्रा आज दूसरी कंपनियों को पॉलिसी और मैनेजमेंट आइडिया दे रही हैं.
कनिका मलहोत्रा आज दूसरी कंपनियों को पॉलिसी और मैनेजमेंट आइडिया दे रही हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर

कभी एक मल्टीनेशनल कंपनी में 13 लाख के सालाना पैकेज पर काम करनेवाली रांची के डोरंडा की कनिका मलहोत्रा आज दूसरी कंपनियों को पॉलिसी और मैनेजमेंट आइडिया दे रही हैं. साथ ही युवाओं को बेहतर नौकरी और व्यवसाय का रास्ता भी दिखा रही हैं. कनिका के संघर्ष की कहानी वर्ष 2009 में शुरू हुई, जब उन्होंने एक्सआइएसएस, रांची से एचआर मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद कनिका को बेंगलुरु के ओरैकल में

उस वक्त उनका सालाना पैकेज 5.3 लाख रुपये था, जो कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ पैकेज में एक था. पांच वर्षों में उनका सालाना पैकेज 13 लाख रुपये तक पहुंच गया. इस बीच पारिवारिक कारणों से 2014 में वह रांची लौटीं और अपने पिता की मिठाई दुकान में सहयाेग करने लगीं. व्यवसाय को संभालने के क्रम में उन्हें कई चुनौतियां दिखीं.

इसमें मैनपावर की कमी, व्यवसाय का व्यवस्थित नहीं होना और स्किल की कमी से कर्मचारियों की परेशानियों को समझा. इससे कनिका को स्टार्टअप का आइडिया मिला. फरवरी 2017 में खुद की कंपनी ‘आइलीड-एचआर’ शुरू की. कनिका कहती हैं कि उनका स्टार्टअप दूसरों की कंपनी में जरूरी पॉलिसी तैयार करने, प्रबंधन का काम संभालने, अव्यवस्थित कंपनी को व्यवस्थित करने, कंपनी में रोजगार की संभावना तैयार करने, कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने समेत कंपनी के विकास में सहयोग करता है.

वर्तमान में कनिका की कंपनी से जुड़ी छह फुल टाइम मेंबर महिलाएं हैं, जो झारखंड समेत आसपास के राज्यों में मौजूद स्मॉल स्केल इंडस्ट्री व लोगों के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग करती हैं.

2014 में 13 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप, कंपनियों को देतीं हैं पॉलिसी और मैनेजमेंट आइडिया

अपनी कंपनी की मदद से मुहैया कराती हैं रोजगार

कनिका अपनी कंपनी ‘आइलीड-एचआर’ की मदद से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं. लोगों की रुचि और क्षमता को समझते हुए उन्हें रोजगारपरक बनाने का काम भी किया जाता है. इसके लिए समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम और स्किल डेवलपमेंट का काम करती हैं. कनिका ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका स्टार्टअप कई लोगों को रोजगार दिलाने में सफल रहा है.

2014 में 13 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप, कंपनियों को देतीं हैं पॉलिसी और मैनेजमेंट आइडिया

कनिका अपनी कंपनी ‘आइलीड-एचआर’ की मदद से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं. लोगों की रुचि और क्षमता को समझते हुए उन्हें रोजगारपरक बनाने का काम भी किया जाता है. इसके लिए समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम और स्किल डेवलपमेंट का काम करती हैं. कनिका ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका स्टार्टअप कई लोगों को रोजगार दिलाने में सफल रहा है.

एक सफल व्यवसाय के संचालन के लिए तीन चीजें कर्मचारी, प्रक्रिया और पॉलिसी जरूरी है. इनके बिना कंपनी की इकोनॉमी को बढ़ाना मुश्किल है. कंपनी की इकोनॉमी बढ़ने से देश के जेडीपी में सहयोग किया जा सकेगा. कर्मचारी स्किल्ड होंगे तो रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी.

कनिका मल्होत्रा, फाउंडर एंड हेड एचआर कंसल्टेंट, आइलीड-एचआर

posted by : sameer oraon

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