Sita Soren: बाबा की डांट…, शिबू सोरेन के निधन के बाद बड़ी बहू सीता सोरेन ने क्या कहा, पढ़ें यहां

Shibu soren old photo
Sita Soren : ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाने जाने वाले वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद सीता सोरेन की प्रतिक्रिया आई है. बाबा के निधन से वह दुखी हैं. पुरानी बातों को याद करते हुए उन्होंने एक भावुक पोस्ट किया है.
Sita Soren tweet | Shibu Soren old Photo: ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाने जाने वाले वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन के निधन से उनकी बड़ी बहू सीता सोरेन दुखी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा–बाबा के चरणों में श्रद्धांजलि. बाबा सिर्फ हमारे घर के मुखिया नहीं थे…वे हमारे जीवन के प्रकाश थे. हमारे अपने, हमारे मार्गदर्शक, और हमारे सबसे बड़े सहारे. आज जब वो हमारे बीच नहीं हैं, तो ऐसा लग रहा है जैसे एक पूरा युग समाप्त हो गया हो. उनके बिना ये घर वैसा नहीं रहेगा …उनकी हंसी, उनका स्नेह, उनकी डांट तक, सब कुछ अब यादों में रह गया है.
सीता सोरेन ने आगे लिखा–झारखंड ने एक महान सपूत खोया है, लेकिन हमने अपना गुरू, अपना पिता, अपना जीवनदाता खोया है. बाबा, आपने जो मूल्य हमें सिखाए, जो परंपराएं आपने शुरू कीं, और जो सम्मान आपने कमाया हम उसे संजोकर रखेंगे. आपकी विरासत को आगे ले जाना अब हमारा धर्म है. आपकी बड़ी बहू होने के नाते मेरा सिर गर्व से ऊंचा है, लेकिन दिल आज टूट गया है. आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे, बाबा। आपकी यादें, आपकी बातें, आपकी छाया… कभी मिट नहीं सकती. आपका आशीर्वाद हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है. हम आपको कभी अलविदा नहीं कह सकते…आप हममें जीते रहेंगे. ॐ शांति.
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अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा हूं :हेमंत सोरेन
शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा हूं, झारखंड की आत्मा का स्तंभ नहीं रहा. झारखंड को झुकने नहीं दूंगा, बाबा के सपनों को साकार करने के लिए काम करूंगा. उन्होंने कहा कि किसी भी किताब में बाबा के संघर्ष को बयां नहीं किया जा सकता है. अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई को जारी रखा जाएगा.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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