Ranchi News : रेशम कृषकों को और मजबूत किया जायेगा : संजय प्रसाद यादव

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रांची विवि के आर्यभट्ट सभागार में रेशम कृषकों के लिए कार्यशाला. मंत्री ने कहा कि तसर रेशम के उत्पादन में झारखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है.

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रांची. हस्तकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प निदेशालय द्वारा शनिवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में रेशम कृषकों के लिए क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कार्यशाला का उदघाटन करते हुए कहा कि राज्य में रेशम कृषकों को मजबूत किया जायेगा. तसर रेशम उत्पादन में झारखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है. वर्ष 2023-24 में 1000 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 1121.77 मीट्रिक टन कच्चा तसर का उत्पादन हुआ है. आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1800 मीट्रिक टन तसर रेशम के उत्पादन का लक्ष्य है. लक्ष्य प्राप्ति के लिए तसर कीटपालक कृषकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि सरकार परंपरागत शिल्पियों एवं रेशम उत्पादन से जुड़े राज्य के गरीब नागरिकों के स्वरोजगार के प्रति संकल्पित है. फसल उत्पादन से लेकर हस्तशिल्प विकास एवं बुनकरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. जिसके अंतर्गत बुनकरों एवं शिल्पियों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

विभागीय बैठक कर कमियां दूर की जायेंगी

मंत्री ने कहा कि प्राथमिक बुनकर सहयोग समितियों को सुदृढ़ करने के निमित्त उन्हें लूम, वर्कशॉप एवं कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है. रेशम उत्पादन से जुड़े ग्रामीण विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान का लाभ हो सके, इस निमित्त निदेशालय द्वारा एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन किया जा रहा. उन्होंने कहा कि विभाग चाहता है कि रेशम के क्षेत्र में काम कर रहे कृषकों को और मजबूत करे. सभी पदाधिकारी, कर्मचारी मिलकर इस क्षेत्र में ऐसा काम करें कि देश ही नहीं विदेशों में झारखंड का नाम हो. उन्होंने कहा कि जल्द ही विभागीय बैठक कर कमियों को दूर करने का काम किया जायेगा. कृषकों को मिलने वाली राशि उन्हें ही मिले. यदि किसी को कोई परेशानी हो, तो मुझसे सीधे मिलकर बात कर सकते हैं. कार्यक्रम में निदेशक आकांक्षा रंजन, खादी बोर्ड की सीइओ सुमन पाठक समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

कृषकों को किया गया सम्मानित

मौके पर मंत्री ने कृषकों को सम्मानित भी किया. कार्यशाला में रेशम कृषकों को नयी तकनीक की जानकारी दी गयी. साथ ही रेशम कृषि के लिए लोन लेने की प्रक्रिया भी बतायी गयी.

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