पितृपक्ष के अंतिम दिन तर्पण कर श्राद्ध पर्व मनाया गया

Updated at : 21 Sep 2025 7:28 PM (IST)
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पितृपक्ष के अंतिम दिन तर्पण कर श्राद्ध पर्व मनाया गया

रविवार को खलारी कोयलांचल में पितृ तर्पण विधि-विधान के साथ किया गया.

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खलारी. रविवार को खलारी कोयलांचल में पितृ तर्पण विधि-विधान के साथ किया गया. पितृपक्ष के अंतिम दिन नदी, तालाब, पोखरा एवं कुआं पर स्नान कर सर्व पितृमोक्ष पितरों का तर्पण किया गया. क्षेत्र के दामोदर नद, सपही नदी, सोनाडुबी सहित अन्य नदियों व तालाबों में सुबह से ही पितृ तर्पण करने के लिए दर्जनों लोग एकत्रित हुए और वहां स्नान उपरांत अपने-अपने पितृ को याद करते हुए काला तिल, जौ, अरवा चावल, फूल तथा जल से ब्राह्मणों द्वारा विधान पूर्वक से पितृ तर्पण करवाया गया. जबकि कुछ लोगों ने अपने घरों में ही स्नान कर ब्राह्मणों द्वारा विधान से सर्व पितृमोक्ष पितरों का तर्पण किया. पितृ तर्पण के बाद ब्राह्मण को भोजन करवा कर उन्हें दान दिया गया. उल्लेखनीय है कि मोक्ष का सर्वोत्तम काल श्राद्ध पक्ष आश्विन मास के कृष्णपक्ष प्रतिपदा से लेकर अमावस्या 15 दिन यानी सात सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक पितरों को श्रद्धाअर्पण करने का श्राद्ध पर्व मनाया गया. खलारी के दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि श्राद्ध कर्म, पिंडदान व तर्पण विधिवत करने से पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति होती है. जिससे उनका आशीर्वाद परिवार के सदस्यों पर सदैव बना रहता है.

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