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रांची में 7 सितंबर को 7वीं बार ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन, जानें इसकी खूबियां और रिकॉर्ड

Updated at : 06 Sep 2025 5:52 AM (IST)
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Run For Vision in Ranchi Jharkhand News

रांची में रन फॉर विजन 7 सितंबर को.

Run For Vision in Ranchi: Run For Vision in Ranchi: 7 सितंबर 2025 को 7वीं बार झारखंड में रन फॉर विजन का आयोजन होने जा रहा है. प्रदेश में सबसे ज्यादा नेत्र प्रत्यारोपण करने वाले आई बैंक कश्यप मेमोरियल आई बैंक की ओर से सेंट जेवियर्स कॉलेज में इसका आयोजन होगा. मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी होंगे.

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Run For Vision: झारखंड की राजधानी रांची में 7 सितंबर 2025 को 7वीं बार ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन का आयोजन होने जा रहा है. झारखंड में सबसे ज्यादा नेत्र प्रत्यारोपण करने वाला कश्यप मेमोरियल आई बैंक पिछले 23 सालों से इसका आयोजन कर रहा है. यह आयोजन अपने आप में अनूठा है, क्योंकि नेत्रदान जागरूकता अभियान चलाने वाली यह देश की एकमात्र संस्था है, जो नेत्रदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए लगातार 23 वर्षों से रन फॉर विजन का आयोजन कर रही है. यह सातवां साल है, जब ‘ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन’ होने जा रहा है.

सेंट जेवियर्स कॉलेज में होगा आयोजन, स्वास्थ्य मंत्री मुख्य अतिथि होंगे

इस बार कार्यक्रम का आयोजन रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज परिसर में होगा. मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी होंगे. विशिष्ट अतिथि वित्त मंत्री राधाकृषण किशोर भी मौजूद रहेंगे. इस अवसर पर मरणोपरांत नेत्रदान करने वालों के परिजनों और नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करने वाली संस्थाओं को सम्मानित भी किया जायेगा.

दिशोम गुरु से लेकर द्रौपदी मुर्मू तक ने Run For Vision को सराहा

रांची में हर साल आयोजित होने वाले रन फॉर विजन की खास बात यह है कि झारखंड के सबसे बड़े आदिवासी नेता दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन से लेकर अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू (देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति) ने ‘रन फॉर विजन’ में भाग लिया है. सभी नेताओं ने झारखंड के लोगों से नेत्रदान करने की अपील की है. इस आयोजन की सराहना भी की है.

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1000 से अधिक नेत्र प्रत्यारोपण करने वाला झारखंड का पहला आई बैंक बना

झारखंड-बिहार में नेत्र प्रत्यारोपण की शुरुआत करने वाले नेत्र विशेषज्ञों ने इस संस्था की नींव रखी थी. झारखंड में हर साल इस अस्पताल में करीब 100 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया जाता है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. अब तक इस आई बैंक में 1,015 कॉर्निया ट्रांसप्लांट हो चुके हैं. पिछले 5 सालों में ही 490 लोगों को नेत्रदान का लाभ इस आई बैंक के माध्यम से मिला है.

इन्फ्रा या मैन पावर पर सरकार को खर्च नहीं करने पड़ते पैसे

रांची में रन फॉर विजन की शुरुआत करने वाली कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल की डॉ भारती कश्यप कहती हैं कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए झारखंड सरकार को कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप नहीं करना पड़ा. इन्फ्रा से लेकर मैन पावर तक पर सरकार को कुछ खर्च नहीं करना होता है.

भारत में नेत्रदान कम होने की वजह से लाखों लोगों को नहीं मिल रही आंखों की रोशनी.

हर साल 2.5 लाख कॉर्निया की जरूरत, मिलते हैं 50 हजार

उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब एक करोड़ लोगों की मृत्यु हो जाती है. इनमें से महज 50,000 लोगों की ही कॉर्निया मरणोपरांत आई बैंक को नेत्रदान के माध्यम से मिल पाती हैं. डॉ कश्यप ने बताया कि भारत में हर साल 2.5 लाख कॉर्निया की जरूरत है, लेकिन नेत्रदान के अभाव में 30 हजार से ज्यादा लोगों को आंखों की रोशनी नहीं मिल पाती.

ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन क्यों?

यही वजह है कि वह 7 साल से ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन का आयोजन कर रहीं हैं, ताकि लोग समझ सकें कि आंखें नहीं होने पर दुनिया किस कदर बेरंग हो जाती है. दरअसल, ब्लाइंड फोल्डेड रन में लोगों की आंखों पर काली पट्टी बांध दी जाती है और तब उन्हें दौड़ना होता है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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