RIMS के एमबीबीएस छात्र आशीष कुमार का जाति प्रमाण पत्र फर्जी, नामांकन रद्द

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रिम्स रांची

RIMS News: रिम्स में एमबीबीएस के छात्र आशीष कुमार का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद उसके नामांकन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच पूरी होने के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें…

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राजीव पांडेय,रांची
RIMS News: रिम्स में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र आशीष कुमार का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है. साहिबगंज डीसी ने इससे संबंधित रिपोर्ट जांच कर रिम्स को भेज दी है. अब रिम्स इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आशीष कुमार का नामांकन रद्द हो गया है. यहां बता दें कि रिम्स को आशीष कुमार की शिकायत मिली थी कि उसने गलत जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर रिम्स में नामांकन लिया है. इसके बाद रिम्स द्वारा साहिबगंज डीसी को जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिए आग्रह किया गया था. कुछ दिनों पहले सीआईडी भी रिम्स में फर्जी नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है. 24 जून को रिम्स में सीआईडी ने पूछताछ की थी. वहीं, तीन विद्यार्थियों के नामांकन का दस्तावेज साथ ले गयी थी.

ST का फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर लिया था एडमिशन

इधर, वर्ष 2025 बैच के दो विद्यार्थियों द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने का मामला सामने आया था. इसकी लिखित शिकायत भी मिली थी. इसी को आधार बनाकर एमबीबीएस (वर्ष 2025) में नामांकन लेने वाली छात्रा काजल कुमारी के प्रमाण पत्रों की जांच करायी गयी. जांच में यह पुष्टि हुई कि छात्रा ने फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके सीट हासिल की है. गिरिडीह के सीओ ने जाति प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया. इसके बाद दिसंबर 2025 में छात्रा का दाखिला रद्द कर दिया गया. वहीं, एमबीबीएस सत्र 2025 के छात्र आशीष कुमार के जाति प्रमाण पत्र पर भी संदेह हुआ था. आशीष ने एसटी का फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया था. इधर, बीडीएस की छात्रा ओली विश्वकर्मा के जाति प्रमाण पत्र की शिकायत भी मिली थी. जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिए रामगढ़ डीसी को भेजा गया, जहां प्रमाण पत्र फर्जी करार दिया गया. इसके बाद ओली का नामांकन भी रद्द कर दिया गया था.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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