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Ranchi news : 16 वर्षों से सेवा दे रहीं रसोइया को हाइकोर्ट से बड़ी राहत

Updated at : 08 Aug 2025 8:46 PM (IST)
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Ranchi news : 16 वर्षों से सेवा दे रहीं रसोइया को हाइकोर्ट से बड़ी राहत

प्रार्थी को सेवा से नहीं हटाया जाये

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हाइकोर्ट ओके: सदर अस्पताल लोहरदगा में 16 वर्षों से सेवा दे रहीं रसोइया को हाइकोर्ट से बड़ी राहत प्रार्थी को सेवा से नहीं हटाया जाये: हाइकोर्ट रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने लोहरदगा के सदर अस्पताल में पिछले 16 वर्षों से रसोइया के रूप में कार्यरत शिल्पी कुमारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया. अदालत ने निर्देश दिया कि प्रार्थी को न तो सेवा से हटाया जायेगा और न ही किसी आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए उसे मजबूर किया जायेगा. उन्हें नियमित रूप से वेतन दिया जायेगा. अदालत ने प्रतिवादी को मामले में जवाब दायर करने को कहा. साथ ही अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया कि प्रार्थी 16 वर्षों से सदर अस्पताल में सेवा दे रही हैं, लेकिन अब उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. इससे भविष्य में उनकी नियमित नियुक्ति खतरे में पड़ जायेगी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी शिल्पी कुमारी ने याचिका दायर की है. संस्कृत में भी रोजगार के हैं अवसर : डॉ धनंजय रांची. संस्कृत में ही भारतीय संस्कृति निहित है. हमारे आदर्शों, मान्यताओं एवं मूल्यों का स्रोत वही है और उसी ने हमारी परंपराओं को जन्म दिया है. संस्कृत ज्ञान-विज्ञान की गंगोत्री है. संस्कृत में भी रोजगार के अवसर हैं. अमेरिका में अंतरिक्ष अनुसंधान पर कार्य करने वाली अग्रणी संस्था नासा में भी कई शोधप्रज्ञों ने आधुनिक काल में संस्कृत के महत्त्व को स्थापित करने का प्रयास किया है. ये बातें डीएसपीएमयू के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने कही है. उन्होंने बताया कि विश्व के प्रायः सभी देशों में संस्कृत का अध्ययन अध्यापन होता है. अमेरिका, जर्मनी, जापान, रूस आदि देशों में संस्कृत पर आधारित शोध कार्य भी हो रहे हैं. संस्कृत भाषा के अध्ययन से रोजगार के प्रायः वे सभी अवसर संस्कृत के छात्र को उपलब्ध होंगे, जो किसी अन्य विषय के छात्र को मिलते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPESH KUMAR

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