नशे की वजह से होती है अपराध की शुरुआत, झारखंड को पंजाब बनने से रोकना जरूरी, बोले ग्रामीण एसपी

अफीम की खेती के खिलाफ जागरूकता अभियान से पहले कार्यक्रम को संबोधित करते रांची के ग्रामीण एसपी. फोटो : प्रभात खबर
Ranchi News: झारखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अफीम की खेती होती है. पुलिस हर साल अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ अभियान चलाती है. अफीम की खेती को नष्ट करती है. बावजूद इसके नशे की खेती बंद होने का नाम नहीं ले रहे. नशे के कारोबारी बाज नहीं आ रहे. रांची पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे लोगों की सूचना पुलिस को दें, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.
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Ranchi News|नामकुम (रांची), राजेश वर्मा : रांची के ग्रामीण एसपी ने कहा है कि नशे की वजह से अपराध की शुरुआत होती है. इसलिए नशा को रोकना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड को पंजाब बनने से रोकना होगा. ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर अफीम की खेती के विरुद्ध जागरूकता अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
डीएसपी मुख्यालय की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन प्रखंड सभागार में डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुआ. ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा कि नशे की आदत लगने के बाद पैसे के लिए लोग अपराध का रास्ता चुनते हैं. हम सबकी जिम्मेदारी है कि झारखंड की हालत पंजाब की तरह न होने दें. जरूरी है कि नशें के विरुद्ध जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को समझें, अभियान में सहयोगी बनें एवं जागरूकता फैलायें.
अफीम की खेती के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान
उन्होंने कहा कि पिछले साल सभी के सहयोग से अफीम की खेती के खिलाफ बड़ा अभियान चला था. इस बार भी अभियान चलेगा. उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों की सूचना पुलिस को दें. सूचना गोपनीय रखी जायेगी.
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डीएसपी बोले- वर्तमान और भविष्य को बर्बाद कर देता है अफीम
डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर कुमार पांडेय ने कहा कि सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की खेती के विरुद्ध जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है. पुलिस गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलायेगी. अफीम वर्तमान एवं भविष्य दोनों को बर्बाद करता है.
अफीम से बर्बाद हो जाता है परिवार और समाज – बीडीओ
प्रखंड प्रमुख आशा कच्छप ने कहा कि अफीम की खेती को समाप्त करने के लिए इसमें शामिल लोगों को सरकार की योजनाओं से जोड़ना होगा. बीडीओ विजय कुमार ने कहा कि अफीम की खेती से व्यक्ति, घर, समाज सब बर्बाद हो जाता है. कम समय में ज्यादा लाभ कमाने के लिए अफीम की खेती हाल के दिनों में बढ़ी है. यह सबसे बड़ा रोग है, जिसका उपचार जरूरी है.
सीओ बोले- नशा एवं नशे के कारोबार को त्यागें
अंचल अधिकारी कमल किशोर सिंह ने कहा कि नशा एवं नशे के कारोबार को त्यागने के लिए प्रण लें. उप-प्रमुख ने नशे के कारोबार में शामिल लोगों को सामूहिक रूप से सम्मानित कर उन्हें स्वाभिमानी बनाने का काम करें. ग्रामीण एसपी ने उपस्थित लोगों को नशे का कारोबार नहीं करने की शपथ भी दिलायी.
Ranchi News: जनप्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित
सभी जनप्रतिनिधियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. सभी को नशा के कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, सरकार की योजनाओं से संबंधित पंपलेट का वितरण किया गया. मौके पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, जिप सदस्य रीता होरो, मुखिया लक्ष्मी कुमारी, मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडा, प्रदीप लकड़ा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद कुमार सिंह, कांग्रेस नेता माधो कच्छप, हेमंत लोहार, अनिल वर्मा व अन्य उपस्थित थे.
कार्यक्रम के दौरान बिजली करती रही परेशान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अपने विचार रखे. इस दौरान कई बार बिजली कटती रही, जिससे काफी परेशानी हुई. प्रखंड कार्यालय में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से अंधेरे में ही सभी को संबोधित करना पड़ा.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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