राज्यसभा चुनाव : बाबूलाल भाजपा के, प्रदीप-बंधु निर्दलीय वोटर होंगे : आयोग

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Jun 2020 2:57 AM

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राज्यसभा चुनाव ने झारखंड में राजनीतिक सरगरमी बढ़ा दी है. दिल्ली से पहुंची चुनाव आयोग की चिट्ठी के बाद चुनावी गणित बदल रहे हैं.

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रांची : राज्यसभा चुनाव ने झारखंड में राजनीतिक सरगरमी बढ़ा दी है. दिल्ली से पहुंची चुनाव आयोग की चिट्ठी के बाद चुनावी गणित बदल रहे हैं. आयोग ने विधानसभा को पत्र लिख कर बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायकों की सूची और झाविमो छोड़ कांग्रेस जानेवाले प्रदीप यादव व बंधु तिर्की को निर्दलीय वोटर की सूची में शामिल होने का निर्देश दिया है.

आयोग ने तीन बिंदुओं के साथ एक पत्र विधानसभा सचिव सह राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर महेंद्र प्रसाद को पत्र लिख कर चुनाव में इसी व्यवस्था से कराने का निर्देश दिया है. आयोग ने प्रदीप यादव व बंधु तिर्की के बाबत यह भी कहा है कि इस बीच इनके बाबत स्पीकर का फैसला नहीं आने पर, इसी निर्देश का अनुपालन होगा. हालांकि, इस मामले में चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है. वहीं, स्पीकर रवींद्र नाथ महतो का कहना है कि यह उनका मामला नहीं है. इस मामले में वह कुछ नहीं कहेंगे. सब कुछ रिटर्निंग ऑफिसर को देखना है.

चुनाव आयोग का निर्देश

चुनाव आयोग ने झारखंड विधानसभा व राज्य चुनाव आयोग कार्यालय को भेजे अपने निर्देश में कहा है कि आयोग ने झाविमो नाम के राजनीतिक दल का भाजपा में विलय को मान्यता दी है. झाविमो का चुनाव चिह्न भी जब्त कर लिया गया है. छह मार्च को अपने आदेश का हवाला देते हुए आयोग ने कहा है कि झाविमो के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के आवेदन पर मर्जर को मान्यता दी गयी है. आयोग ने अपने इसी आदेश का हवाला देते बाबूलाल को भाजपा विधायक और प्रदीप यादव-बंधु तिर्की को निर्दलीय के रूप में शामिल करने को कहा है.

चुनाव आयोग की चिट्ठी विधानसभा पहुंची

स्पीकर ने कहा- यह मेरा मामला नहीं है, रिटर्निंग अफसर देखेंगे

विस सचिव सह रिटर्निंंग ऑफिसर को चुनाव आयोग ने भेजा है पत्र

तीन बिंदुओं के पत्र में आयोग ने इसी व्यवस्था में चुनाव कराने को कहा

गेंद सचिव के पाले में

विस सचिव महेंद्र प्रसाद के पाले में गेंद है. इस मामले में स्पीकर का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता है. वहीं, सचिव इस राज्यसभा चुनाव में निर्वाची पदाधिकारी हैं, तो ऐसे में उनकी जवाबदेही आयोग के प्रति होगी. इस चुनाव में राजनीति के दो रंग दिखेंगे. सदन के अंदर बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक की मान्यता नहीं होगी. प्रदीप यादव व बंधु तिर्की को भी कांग्रेस विधायक की मान्यता नहीं मिली है. वहीं, बाबूलाल मरांडी सदन के बाहर भाजपा के विधायक माने जायेंगे.

बाबूलाल को दिखाना होगा वोट, प्रदीप-बंधु से कांग्रेस नहीं कर सकती मांग

झारखंड की राजनीति के बदलते हालात के बीच भाजपा विधायक के रूप में बाबूलाल मरांडी को चुनावी एजेंट को वोट दिखा कर देना होगा. आयोग ने श्री मरांडी को एक पार्टी विशेष से मान्यता दी है, तो ऐसे में चुनावी एेजेंट को वोट दिखाने की बाध्यता होगी. वहीं, वोटर लिस्ट में निर्दलीय के रूप में शामिल प्रदीप यादव व बंधु तिर्की से कांग्रेस या झामुमो के चुनावी एेजेंट वोट दिखाने को नहीं कह सकते हैं. ये दोनों विधायक इस मामले में आजाद होंगे.

हॉर्स ट्रेडिंग मामले में पूर्व विधायक से पूछताछ

रांची. राज्यसभा चुनाव 2016 के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगे थे. इस मामले में केस के अनुसंधानकर्ता अभय सिंह ने कांग्रेस की पूर्व विधायक निर्मला देवी का बयान लिया. निर्मला ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं. पुलिस अभी बयान के संबंध में कुछ नहीं बता रही है. इससे पहले बिरसा केंद्रीय कारा में बंद पूर्व मंत्री और निर्मला देवी के पति योगेंद्र साव का भी बयान केस के अनुसंधानकर्ता ने लिया था.

जगन्नाथपुर थाने में दर्ज इस मामले में रांची रेंज डीआइजी के निर्देश पर जांच तेज हुई है. अब तक पुलिस को वह ओरिजनल रिकॉर्डिंग डिवाइस नहीं मिला है, जिससे वीडियो और ऑडियो बनाया गया था. इस मामले में बड़े नेता, पुलिस अफसर आैर अन्य लोग आरोपों के घेरे में हैं.

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