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राजनीति में आने वालों को नई राह दिखाएगी मृत्युंजय शर्मा की पुस्तक ‘ब्रोकेन प्रोमिसेज : कास्ट, क्राइम एंड पॉलिटिक्स इन बिहार’

Updated at : 28 Apr 2024 7:37 PM (IST)
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mrityunjay sharma book launching ceremony in ranchi

मृत्युंजय शर्मा की पुस्तक ‘ब्रोकेन प्रोमिसेज : कास्ट, क्राइम एंड पॉलिटिक्स इन बिहार’ के लोकार्पण समारोह में हरिवंश, अशोक भगत, बाबूलाल मरांडी, लेखख मृत्युंजय शर्मा व अन्य.

बिहार में 1990 के दशक की स्थिति पर आधारित मृत्युंजय शर्मा की पुस्तक ‘ब्रोकेन प्रॉमिसेज : कास्ट, क्राइम एंड पॉलिटिक्स इन बिहार’ का हरिवंश ने लोकार्पण किया.

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राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा है कि मृत्युंजय शर्मा की पुस्तक ‘ब्रोकेन प्रोमिसेज : कास्ट, क्राइम एंड पॉलिटिक्स इन बिहार’ ऐसी किताब है, जो राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक का काम करेगी. उन्होंने कहा कि मृत्युंजय शर्मा ने एक बहुत अच्छी पुस्तक लिखी है.

बिहार के उस दौर को समझने के लिए बेहतरीन पुस्तक

पत्रकार से राजनेता बने हरिवंश ने कहा कि बिहार की राजनीति पर आधारित यह पुस्तक उस समय की स्थितियों के बारे में बताती है, जब झारखंड और बिहार एक हुआ करते थे. बिहार के उस समय को समझने के लिए यह एक बेहतरीन किताब है. राज्यसभा के उप-सभापति ने पुस्तक का लोकार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड और बिहार को में विकास कैसे हो सकता है, इस किताब को पढ़कर इसकी समझ विकसित कर सकते हैं.

राजनीति में आने वाले युवाओं को नई राह दिखाएगी पुस्तक

उन्होंने कहा कि मृत्युंजय शर्मा एक समझदार युवा हैं. मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. उन्होंने एक बहुत ही सुंदर किताब लिखी है. यह पुस्तक तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित है. उन्होंने कहा कि युवा, जिनकी दिलचस्पी राजनीति में है, वे अगर इसे पढ़ेंगे, तो उन्हें भविष्य के लिए नई राह मिलेगी.

झारखंड और बिहार दोनों क्षेत्रों में होतीं थीं हिंसक घटनाएं

वहीं, झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने अब तक इस पुस्तक को पढ़ा नहीं है, लेकिन मैं जानता हूं जब बिहार और झारखंड एक हुआ करते थे, उस दौरान किस तरह की त्रासदी थी. खासकर 1990 और 2000 के दशक में. मैंने उस दौर को बेहद करीब से देखा है. घटनाएं बिहार में होती थी. झारखंड में भी वैसी हिंसक घटनाएं होतीं थीं. नरसंहार होते थे.

बिहार में होतीं थीं माओवादी और जातीय हिंसा : बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बिहार में माओवादी और जाति आधारित दोनों हिंसा होती थी. झारखंड में माओवादी हिंसा की घटनाएं अधिक होतीं थीं. हमने उस दौर को देखा है. माओवादी और जातिगत हिंसा की वजह से ही बिहार और झारखंड विकास के दौर में पीछे रह गए. उन्होंने कहा कि बिहार-झारखंड में मेधावी लोग थे. पूंजी का अभाव नहीं था. समृद्ध राज्य था. लेकिन, हिंसक घटनाओं की वजह से बिहार और झारखंड विकास के दौर में बहुत पीछे रह गए.

बिहार के संदर्भ में बेहतरीन सोशियो पॉलिटिकल डायरी : भगत

पद्मश्री अशोक भगत ने पुस्तक को बिहार के संदर्भ में लिखी गई एक बेहतरीन सोशियो पॉलिटिकल डायरी बताया. कहा कि 90 के दशक में बिहार में काम करना वर्तमान परिप्रेक्ष्य की तुलना में ज्यादा कठिन था.

90 के दशक में कश्मीर व बिहार के हालात की समानता पर चर्चा

लेखक मृत्युंजय शर्मा ने ने इस अवसर पर कहा कि यह किताब 5 वर्षों के गहन रिसर्च का परिणाम है. 90 के दशक का बिहार जनता के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं था. सत्ता के संरक्षण में राजनीतिक बाहुबलियों को उभरने का मौका दिया गया, जाति के नाम पर समाज में द्वेष की भावना भरी गई और उसका राजनीतिक लाभ लिया गया. अपहरण को उद्योग के रूप में स्थापित किया गया, सरकारी मशीनरी का भरपूर दुरुपयोग हुआ. मृत्युंजय शर्मा ने 90 के दशक में कश्मीर और बिहार के हालात की समानता पर भी चर्चा की.

झारखंड में भाजपा के इलेक्शन मैनेजमेंट चीफ हैं मृत्युंजय शर्मा

पुस्तक के लेखक मृत्युंजय शर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा नेता हैं. वह लोकसभा चुनाव 2024 के इलेक्शन मैनेजमेंट चीफ भी हैं. उनकी पुस्तक ‘ब्रोकेन प्रोमिसेज : कास्ट, क्राइम एंड पॉलिटिक्स इन बिहार’ का लोकार्पण रांची के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में हुआ. समारोह में पद्म श्री अशोक भगत, झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक सीपी सिंह, पूर्व विधायक जीतू चरण राम, डीएसपीएमयू के कुलपति तपन शांडिल्य व अन्य मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन वेस्टलैंड बुक्स की पब्लिशर मीनाक्षी ठाकुर ने किया.

कौन हैं मृत्युंजय शर्मा?

मृत्युंजय बीआईटी मेसरा और XLRI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने के बाद कई प्रतिष्ठित कंपनियों में अहम पदों पर काम किया. छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सलाहकार समिति का हिस्सा रहे. इस समय झारखंड भाजपा के चुनाव प्रबंधन के प्रमुख हैं. साथ ही रांची में कई स्थानों पर अपनी संस्था कर्तव्य पथ के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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