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VIDEO: राजभवन उद्यान की खूबसूरती देखने तीन दिनों में 28 हजार से अधिक लोग पहुंचे, कर रहे जमकर तारीफ

Updated at : 08 Feb 2024 10:11 PM (IST)
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VIDEO: राजभवन उद्यान की खूबसूरती देखने तीन दिनों में 28 हजार से अधिक लोग पहुंचे, कर रहे जमकर तारीफ

राजभवन उद्यान आम लोगों के लिए 12 फरवरी तक खुला हुआ है. तीन दिनों में 28 हजार से अधिक लोग पहुंच चुके हैं. तीसरे दिन गुरुवार को 15524 लोगों ने राजभवन उद्यान का भ्रमण किया. हर वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं. लोगों ने फूलों की खूबसूरती की जमकर तारीफ की.

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रांची: राजभवन उद्यान आम लोगों के लिए 12 फरवरी तक खुला हुआ है. तीसरे दिन गुरुवार को 15524 लोगों ने राजभवन उद्यान का भ्रमण किया. हर वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं. लोगों ने फूलों की खूबसूरती की जमकर तारीफ की. बुधवार (दूसरे दिन) को 9344 लोगों ने राजभवन उद्यान का भ्रमण किया था. पहले दिन मंगलवार को 3469 लोगों ने राजभवन उद्यान की खूबसूरती देखी थी. 6 फरवरी से 12 फरवरी 2024 तक आम लोगों के लिए रांची के राजभवन उद्यान में फ्री एंट्री दी गयी है. सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आप घूम सकते हैं. राजभवन के गेट नंबर-2 से सुरक्षा जांच के बाद उद्यान में प्रवेश के लिए दोपहर 1 बजे तक अनुमति दी जा रही है. प्रवेश करने के लिए हर व्यक्ति को अपने पास पहचान पत्र रखना अनिवार्य है. झारखंड राजभवन लगभग 52 एकड़ में फैला हुआ है. इसका निर्माण 1930 में हुआ था. आम लोगों के लिए सबसे पहले उद्यान वर्ष 2004 में खोला गया था. उस समय सैयद सिब्ते रजी गवर्नर थे. इस उद्यान में 400 किस्म के 17 हजार से अधिक गुलाब हैं. परिसर में कृत्रिम ऑक्टोपस, पहाड़-झरने और दीवारों पर बने सोहराय पेंटिंग्स आकर्षण के केंद्र हैं. बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रेन पार्क भी है. परिसर में मौसमी फूलों की भरमार है. पीला बांस सहित रुद्राक्ष, कल्पतरू आदि के पेड़, आर्किड गार्डेन, स्ट्रॉबेरी, संतरा, मौसम्मी, सेव, चीकू, काजू, जामुन, कपूर, तेजपत्ता, लेमन ग्रास, गुलमर्ग, चंदन, लौंग, कबाबचीनी, दालचीनी, इलाइची आदि के पेड़ हैं. फूलो झानो उद्यान, नौ म्यूजिकल फाउंटेन, महात्मा गांधी औषधी उद्यान और गुरु गोविंद सिंह वाटिका स्थित तालाब में मछलियां आकर्षण के केंद्र हैं. उद्यान में अकबर गार्डेन, बुद्ध गार्डेन, अशोका, मूर्ति गार्डेन आदि देखने लायक हैं. विदेशों से मंगाये गये फूल सहित भारत-पाकिस्तान युद्ध में उपयोग में लाये गये टैंक, बड़ा चरखा, शहीद स्थल आदि आकर्षण का केंद्र हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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