प्रभात खबर का असर, रांची में युवा किसान की आत्महत्या मामले में मृतक के घर पहुंचे कृषि पदाधिकारी ने की जांच

Updated at : 08 Apr 2023 10:06 PM (IST)
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प्रभात खबर का असर, रांची में युवा किसान की आत्महत्या मामले में मृतक के घर पहुंचे कृषि पदाधिकारी ने की जांच

जांच के क्रम में पता चला कि अविनाश कुमार चौधरी लगभग 15 एकड़ की निजी भूमि पर टपक सिंचाई के माध्यम से खेती करते आ रहे थे. टपक सिंचाई योजना का लाभ उन्हें 90% अनुदान पर कृषि विभाग द्वारा दिया गया था

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प्रभात खबर में छपी समाचार का एक बार फिर असर देखने को मिला है. दरअसल प्रभात खबर ने 8 अप्रैल दिन शनिवार के अंक में तरबूज की खेती में ”10 लाख रुपये डूबे, युवा किसान ने स्टोर रूम में लगायी फांसी” नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया. इसके आलोक में कृषि मंत्री, विभाग के सचिव, रांची जिला उपायुक्त ने संज्ञान लिया. जिला कृषि पदाधिकारी ने खुद मृतक के घर जाकर वस्तुस्थिति की जांच की.

जिसमें कई बातें सामने आयी. जांच के क्रम में पता चला कि अविनाश कुमार चौधरी लगभग 15 एकड़ की निजी भूमि पर टपक सिंचाई के माध्यम से खेती करते आ रहे थे. टपक सिंचाई योजना का लाभ उन्हें 90% अनुदान पर कृषि विभाग द्वारा दिया गया था. वर्तमान में वो तरबूज की खेती कर रहा था, जिसमें उन्हें भारी नुकसान हुआ. जांच में ये भी पता चला कि युवा किसान ने केनरा बैंक ओरमांझी से 50,000 रुपये कर्ज लिया था और हाल ही में उसका लिमिट बढ़ाकर 1,25,000 रुपये कराया गया था.

कृषि विभाग द्वारा बाद में खेती की जगह का भी निरीक्षण किया गया. इसमें तरबूज फसल की स्थिति अच्छी नहीं थी. हालांकि तरबूज की खेती करने के बाद उन्होंने कोहड़े की फसल लगायी थी. निरीक्षण के क्रम में कृषक के दरवाजे पर ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, टेलर आदि पाये गये. परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ट्रैक्टर लिया था.

क्या कहा परिवार के सदस्यों ने

परिवार के सदस्यों की मानें तो दिन शुक्रवार को अविनाश कुमार चौधरी अपने खेत में वहां के स्थानीय मजदूर के माध्यम से कृषि कार्य करा रहे थे, सबकुछ सामान्य था. परिवार के लोगों ने बताया कि किस परस्थिति में उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये समझ से परे हैं. हालांकि तरबूज की खेती में नुकसान होने पर वह परेशान जरूर था. विभाग की मानें तो आत्महत्या की वजह वस्तृत जांच का विषय है. प्रशासन की ओर से मृतक अविनाश के परिजनों को आकस्मिकता कोष योजना से सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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