मंईयां सम्मान योजना में अवैध वसूली और दलाली नहीं चलेगी, कांके में किया जा रहा फिजिकल वेरिफिकेशन
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 22 May 2026 4:18 PM
फिजिकल वेरिफिकेशन शिविर का दौरा करते कांके प्रखंड के उप प्रमुख अंजय बैठा. फोटो: प्रभात खबर
Maiya Samman Scheme: मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में पारदर्शिता लाने के लिए कांके प्रखंड में लाभुकों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा रहा है. उप प्रमुख अंजय बैठा ने दलाली और अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सत्यापन अभियान 31 मई तक पूरा किया जाएगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पिठोरिया से सुजीत कुमार केशरी की रिपोर्ट
Maiya Samman Scheme: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए रांची जिले के कांके प्रखंड में लाभुकों का फिजिकल वेरिफिकेशन तेजी से किया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक और योग्य महिलाओं तक पहुंचे तथा किसी प्रकार की अवैध निकासी या फर्जीवाड़ा न हो.
कांके के उप प्रमुख ने शिविरों का किया निरीक्षण
इसी कड़ी में कांके प्रखंड उप प्रमुख अंजय बैठा ने विभिन्न पंचायतों में लगाए गए सत्यापन शिविरों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाभुक महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों तथा कर्मचारियों को कई जरूरी निर्देश दिए.
पंचायतों में उमड़ रही लाभुकों की भीड़
ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन प्रक्रिया को लेकर पंचायत भवनों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है. लाभुक महिलाएं अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ सत्यापन शिविरों में पहुंच रही हैं. पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों द्वारा आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर के आधार पर लाभुकों का सत्यापन किया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि फिजिकल वेरिफिकेशन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ किसी अपात्र व्यक्ति तक न पहुंचे. साथ ही मृत, स्थानांतरित या फर्जी लाभुकों की पहचान भी इस प्रक्रिया के माध्यम से की जा रही है.
दलाली और अवैध वसूली पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान उप प्रमुख अंजय बैठा ने स्पष्ट कहा कि योजना के नाम पर किसी प्रकार की दलाली, अवैध वसूली या पैसे की मांग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए चलाई जा रही है, इसलिए इसमें पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने लाभुकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति योजना का लाभ दिलाने या सत्यापन कराने के नाम पर पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत प्रशासन को दें. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
योग्य लाभुकों को नहीं होगी परेशानी
उप प्रमुख ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी योग्य लाभुक सत्यापन प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं जानकारी के अभाव में परेशान हो जाती हैं, इसलिए शिविरों में कर्मियों को सहयोगात्मक रवैया अपनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. लाभुक महिलाएं भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और समय पर अपने दस्तावेज उपलब्ध करा रही हैं.
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31 मई तक पूरा होगा सत्यापन कार्य
प्रखंड प्रशासन के अनुसार कांके प्रखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का भौतिक सत्यापन कार्य 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक लाभुकों तक सरकारी सहायता सही तरीके से पहुंच सकेगी. सत्यापन अभियान के चलते अब योजना में गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा और दलाली पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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