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झारखंड में दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट की डिग्री की जरूरत नहीं, बोले सीएम हेमंत सोरेन

Updated at : 28 Jun 2023 4:23 PM (IST)
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झारखंड में दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट की डिग्री की जरूरत नहीं, बोले सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा की है. कहा कि झारखंड में दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट डिग्री की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पढ़े-लिखे युवा भी दवा दुकान खोल सकते हैं. साथ ही ऑनलाइन डॉक्टरों से संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी.

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Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. कल्याण गुरुकुल और कौशल कॉलेज के 500 छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर भी दवा की दुकानें खुलेंगी, ताकि लोगों को दवा के लिए दूरदराज के इलाकों में जाना नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होनी चाहिए थी, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है. अब पढ़े-लिखे युवा भी दवा दुकान खोल सकते हैं.

पढ़े-लिखे युवा भी खोल सकते हैं दवा दुकान

राजधानी रांची के नगड़ा टोली स्थित आईटीआई कौशल कॉलेज परिसर में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होनी चाहिए थी, लेकिन अब जब दवा के डब्बे में ही सबकुछ लिखा हुआ है, तो डिग्री की क्या जरूरत है. कहा कि जिसे पढ़ना-लिखना आता हो वो भी दवा दुकान खोल सकते हैे. कहा कि गांव या पंचायत में जो दवा दुकान चला रहे हैं, उसके लिए ऑनलाइन डॉक्टरों से संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी.

अब तक 30 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेझा फाउंडेशन और राज्य सरकार मिलकर इस राज्य में यहां के अनुसूचित जाति एवं जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों में स्वावलंबी बनाने को प्रयासरत है. अभी तक 30 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है. कहा कि कोरोना काल में भी प्रेझा फाउंडेशन की तरफ से नर्सिंग का नियुक्ति पत्र दिया गया और आज दोबारा यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है.

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राज्य के 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में करते हैं निवास

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश देश के अत्यंत पिछड़े राज्य में से एक है और इस राज्य में 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं. जीविका के लिए कई चुनौतियां इस राज्य के साथ जुड़ा हुआ है. गरीबी भी बड़े पैमाने पर है. जब हमने राज्य को अपने हाथ में संभाला उसी समय से हमारी सोच रही है कि आर्थिक आमदनी में कैसे बढ़ोतरी हो और कैसे इसका रास्ता निकाला जाए. कहा कि 15 लाख से अधिक लोग रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं. अच्छी आमदनी के लिए यहां के लोगों का पलानयन होता है. लेकिन, राज्य सरकार इन युवाओं को बाहर ना जाकर अपने यहां ही बेहतर कार्य उपलब्ध कराने को प्रयासरत है.

अब लड़के भी करेंगे नर्सिंग की पढ़ाई

उन्होंने कहा कि राज्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए एयर एंबुलेंस की शुरुआत हुई. जल्द ही चेन्नई के अपोलो अस्पताल का एक नया भवन अस्पताल यहां शुरू होगा. अजीम प्रेमजी से बात हो रही है. जल्द ही नये कॉलेज और नर्सिंग अस्पताल शुरू होंगे. कहा कि आज हजारों बच्चियां नर्सिंग की कोर्सेस लेकर तैयार है. नर्सिंग का कोर्स सिर्फ लड़कियां ही नहीं करेंगी, बल्कि लड़के भी कर सकेंगे. इस पर पहल की जायेगी. बहुत जल्द इस पर काम किया जाएगा.

जल्द शुरू होगी पैथोलॉजी लैब की ट्रेनिंग

सीएम हेमंत ने कहा कि स्थानीय संस्थानों ने 75 प्रतिशत और 40 हजार वेतनमान के तौर पर काम पर रखना है. स्थानीय संस्थाओं में 75% और 40 हजार से कम वेतनमान वाले स्थानीय लोगों को रखने की बात हम कर रहे हैं. लैब सेंटर खोलने की बात हमने कही है, ताकि यहां की बच्चियों को स्वरोजगार मिल सके. जल्द यहां पर पैथोलॉजी लैब की ट्रेनिंग शुरू की जाएगी, ताकि खून समेत अन्य की जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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