बंदी के बहाने राजधर साइडिंग में काम कर रहे रैयतों को हटाने की साजिश का विरोध

रैयत विस्थापितों की बैठक राजधर गांव में रविवार को कासिम उर्फ मुन्ना की अध्यक्षता में हुई.
पिपरवार. बहेरा, राजधर व कनौदा गांव के रैयत विस्थापितों की बैठक राजधर गांव में रविवार को कासिम उर्फ मुन्ना की अध्यक्षता में हुई. इसमें रैयत विस्थापित मोर्चा द्वारा रैयतों को रोजगार देने की मांग को लेकर 14 अक्टूबर से घोषित अनिश्चितकालीन राजधर साइडिंग बंदी पर चर्चा की गयी. चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रैविमो की घोषित बंद पूरी तरह असंवैधानिक है. रैविमो के कुछ लोग रैयतों को रोजगार के नाम पर लोगों को बरगला रहे हैं. यह जग जाहिर है कि रैयत विस्थापित मोर्चा के नाम पर कुछ लोग पैसे की उगाही में लगे हैं. बताया गया कि साइडिंग में लेवलिंग, क्लीनिंग, मुंशी, सुपरवाइजर, लोडर ऑपरेटर, हेल्फर, क्रॉसिंग गार्ड, लाइन मैन आदि का काम कर रहे सभी मजदूर बहेरा, राजधर व कनौदा के रैयत हैं. अब कुछ लोग रोजगार के नाम पर साइडिंग में कार्यरत रैयतों को काम से हटाने की साजिश रच रहे हैं. साथ ही साइडिंग में जितने भी पेलोडर मशीने चल रही हैं, सभी भू-दाता विस्थापितों की ही है. इस पर रैयत विस्थापितों ने एक स्वर में किसी भी हालत में बंदी को सफल नहीं होने देने का निर्णय लिया. इस दौरान रैयतों ने रैविमो की बंदी खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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