कैबिनेट से मंजूरी के बाद जारी हुई थी रोड टैक्स माफी की अधिसूचना, अब तक एक भी बस का टैक्स माफ नहीं

Published at :13 Dec 2020 12:14 PM (IST)
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कैबिनेट से मंजूरी के बाद जारी हुई थी रोड टैक्स माफी की अधिसूचना, अब तक एक भी बस का टैक्स माफ नहीं

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झारखंड परिवहन विभाग की अधिसूचना के अब तक एक भी बस का टैक्स माफ नहीं

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jharkhand news, ranchi news, road tax jharkhand payment, road tax percentage in jharkhand रांची : राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान परिचालन बंद रहने के कारण बसों पर लगनेवाले रोड टैक्स को माफ कर दिया गया था. कैबिनेट की मंजूरी के बाद 20 अक्तूबर को परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गयी थी. लेकिन कुछ बस संचालकों काे छोड़ दें, तो करीब 75 फीसदी बस संचालकों को अब तक रोड टैक्स माफी का लाभ नहीं मिल सका है.

इसका कारण है कि विभाग के आदेश पर बस संचालकों ने संबंधित डीटीओ के यहां आवेदन कर दिया था. लेकिन 10 दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग में परिवहन विभाग की ओर से सभी डीटीओ को कहा गया कि अब बस संचालक एनआइसी द्वारा बनाये गये नये ऑनलाइन पोर्टल पर टैक्स माफी के लिए आवेदन करें. रांची में करीब 350 से 400 बस संचालकों ने टैक्स माफी के लिए ऑफलाइन आवेदन किया था.

इसमें से एक का भी टैक्स माफ नहीं हो सका. बता दें कि कैबिनेट ने 24 मार्च से 31 अगस्त तक राज्य के अंदर चलनेवाली बसों का रोड टैक्स माफ किया था. वहीं, 24 मार्च से सात नवंबर तक के लिए अंतरराज्यीय बसों का रोड टैक्स माफ किया गया था. इसके अलावा स्कूल बसें लॉकडाउन से जब तक बंद रहेंगी, उनको रोड टैक्स नहीं देना होगा.

पहले विभाग के आदेश पर बस संचालकों से ऑफलाइन आवेदन लिया गया था. 10 दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन देने का निर्देश जारी किया गया. हमारे यहां 350 से 400 ऑफलाइन आवेदन हैं. उनकाे कार्यालय या एनआइसी के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करा टैक्स माफी की कार्रवाई होगी.

– प्रवीण प्रकाश, डीटीओ, रांची

बस संचालक हैं रांची में, जिन्हें है रोड टैक्स माफी का इंतजार

झारखंड बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह कहते हैं कि विभाग की ओर से पहले कहा गया कि टैक्स माफी के लिए डीटीआे के यहां बस संचालक ऑफलाइन आवेदन करें. संचालकों ने अपने जिलों के डीटीओ के यहां आवेदन किया. हजारीबाग डीटीओ ने बस संचालकों को रोड टैक्स माफी दिलाने की दिशा में सराहनीय काम किया गया. वहीं, रांची सहित अन्य जिलों में कुछ काम नहीं हुआ.

10 दिसंबर को विभागीय बैठक में परिवहन विभाग की ओर से नया आदेश जारी किया गया कि अब बस संचालक टैक्स माफी के लिए ऑनलाइन अप्लाई करें. बार-बार नियम चेंज कर संचालकों को क्यों परेशान किया जा रहा है? विभाग को बस संचालकों के बारे में भी सोचना होगा.

लंबी दूरी की 50% बसें चल रहीं, उसमें भी नहीं भर रहीं हैं सीटें

रांची. लॉकडाउन का असर अब भी बसों पर दिख रहा है. दूसरे राज्यों के लिए लंबी दूरी तक चलनेवाली 50 फीसदी बसें ही सड़कों पर उतर पायी हैं. जबकि राज्य के अंदर भी 65 से 70 फीसदी बसें ही चल रही हैं. दूसरे राज्यों को जानेवाली बसों में आधी सीट लगभग खाली जा रही हैं. दीपावली व छठ के बाद शादी-ब्याह के लग्न के कारण बसों में कुछ दिनों तक रौनक देखने को मिली.

लेकिन अब पर्व-त्योहार के साथ ही शादी-ब्याह का शुभ मुहूर्त समाप्त हो गया है. इस वजह से लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आ गयी है. इससे संचालक परेशान हैं. सीट के अनुरूप हर समय पैसेंजर भी नहीं मिल पा रहे हैं.

संचालकों का कहना है कि जब तक ट्रेन सेवाएं पहले की तरह नहीं हो जाती हैं, तब तक राज्य के अंदर चलनेवाली बसों की स्थिति में सुधार नहीं होगा. झारखंड बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि बसों की वर्तमान स्थिति पर संचालकों के साथ बैठक कर सरकार से राहत की मांग की जायेगी.

posted by : sameer oraon

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