1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. not only bollywood jharkhand is also under the grip of drugs preparations were made to make 25 thousand youths of ranchi drugs slaves mth

ड्रग्स की गिरफ्त में झारखंड! रांची के 25 हजार युवाओं को नशे का गुलाम बनाने की थी तैयारी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
रांची में बड़े पैमाने पर लोग करते हैं ड्रग्स का सेवन.
रांची में बड़े पैमाने पर लोग करते हैं ड्रग्स का सेवन.

रांची : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी जांच एजेंसियां मायानगरी के ड्रग कनेक्शन में उलझ कर रह गयी हैं. रिया चक्रवर्ती के खुलासे के बाद संसद से सड़क तक बॉलीवुड नशे में की चर्चा हुई. झारखंड में भी बड़े पैमाने पर नशे के कारोबार का खुलासा हुआ है. दो दिन पहले करोड़ों रुपये की दवाएं जब्त की गयीं, जिसका इस्तेमाल 25 हजार लोगों को नशे का गुलाम बनाने के लिए होना था.

ड्रग्स कंट्रोल ने गुमला से ड्रग्स के साथ गिरफ्तार तीन लोगों की निशानदेही पर राजधानी रांची के रातू स्थित एक घर से दवाओं का जखीरा पकड़ा था. इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं के मिलने से छापामारी करने वाले अधिकारी भी सन्न रह गये. उनके होश तब उड़ गये, जब पता चला कि इन दवाओं का इस्तेमाल ड्रग्स के रूप में करना था. 25 हजार लोगों को नशे का गुलाम बनाने के लिए ये दवाएं मंगवायी गयीं थीं.

जब्त दवाइयों में मादक पदार्थ अफीम का मिश्रण है. इसे गंभीर बीमारी होने पर ही डॉक्टर की सलाह के बाद मरीजों को दिया जाता है. ड्रग कंट्रोलर ऋतु सहाय के निर्देशन में हुई रेड के बाद पता चला है कि झारखंड की राजधानी रांची में भी ड्रग्स लेने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है. रातू इलाके में ड्रग्स की जो बड़ी खेप पकड़ी गयी, उससे 25 हजार लोगों को नशे की खुराक देने की तैयारी हो रही थी.

शारीरिक और मानसिक तौर पर डेड हो जाता है इंसान

पकड़ी गयी दवाएं टैबलेट, कफ सिरप और सीरिंज के रूप में थीं. इसका सेवन करने के बाद कोई भी व्यक्ति नकारात्मक नहीं सोचता. उसका स्वभाव उग्र हो जाता है और वह कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाता है. गलत हो या सही, कुछ भी. बताया जा रहा है कि जो दवाएं मिली हैं, उसका सेवन करने के बाद कोई भी व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक तौर पर डेड हो जाता है. ये दवाएं अगर दमा के मरीज को दी जाये, तो उसकी मौत भी हो सकती है.

आतंकवादियों को दी जाती है इन दवाओं की खुराक

आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए अपराधियों को इन दवाओं की खुराक दी जाती है. खासकर आतंकवादियों को. हिमाचल प्रदेश के सोलन से मंगायी गयी इन दवाओं (कोडीन फास्फेट, ऐन्टेन, ट्रामाडोल पेंटाजोसिन) का झारखंड में कोई सप्लायर नहीं है. स्टॉकिस्ट भी नहीं है झारखंड में. यह भी पता चला है कि इन ड्रग्स का अगर कोई लगातार 10 दिन तक सेवन कर ले, तो इसका एडिक्ट यानी आदी हो जाता है. इस ड्रग्स को लेने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहता है. हाल के दिनों में पता चला है ऐसी ही दवाएं लेकर अपराधी बड़ी ही बेरहमी से लोगों की जान ले रहे हैं.

रांची के रातू स्थित एक घर से जब्त हुई थी लाखों की दवाएं.
रांची के रातू स्थित एक घर से जब्त हुई थी लाखों की दवाएं.

प्रिंट रेट से 20 गुणा अधिक कीमत पर बिकती हैं दवाएं

ड्रग इंस्पेक्टर प्रतिभा झा की मानें, तो पकड़ी गयी दवाओं की एमआरपी 50 लाख के करीब है. बाजार में यह अपनी कीमत से 20 गुणा अधिक मूल्य पर बिकती है. इसलिए इसका बाजार मूल्य कम से कम 10 करोड़ रुपये है. इस मामले में गुमला से तीन और रांची से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. रांची में ड्रग्स की इस खेप से जुड़े तीन लोग अंबुज सिंह, छोटू सिंह और मंटू सिंह फरार हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें