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Rath Yatra 2020: रथ यात्रा को झारखंड सरकार ने नहीं दी मंजूरी, जगन्नाथ मंदिर के पुजारी ने कही यह बात

Updated at : 22 Jun 2020 7:55 PM (IST)
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Rath Yatra 2020: रथ यात्रा को झारखंड सरकार ने नहीं दी मंजूरी, जगन्नाथ मंदिर के पुजारी ने कही यह बात

no rath yatra in ranchi on 23 june 2020 रांची : झारखंड की राजधानी रांची में स्थित जगन्नाथ मंदिर की ऐतिहासिक रथ यात्रा मंगलवार (23 जून, 2020) को रथ यात्रा नहीं निकलेगी. इस संबंध में जिला प्रशासन ने पूर्व में जो आदेश जारी किया था, वही आदेश लागू रहेगा. यानी 23 जून को निकाले जानेवाली रथ यात्रा स्थगित रहेगी. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और जनमानस की सुरक्षा को लेकर यह आदेश जारी किया गया था.

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रांची : झारखंड की राजधानी रांची में स्थित जगन्नाथ मंदिर की ऐतिहासिक रथ यात्रा मंगलवार (23 जून, 2020) को रथ यात्रा नहीं निकलेगी. इस संबंध में जिला प्रशासन ने पूर्व में जो आदेश जारी किया था, वही आदेश लागू रहेगा. यानी 23 जून को निकाले जानेवाली रथ यात्रा स्थगित रहेगी. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और जनमानस की सुरक्षा को लेकर यह आदेश जारी किया गया था.

झारखंड के मुख्य सचिव ने पिछले दिनों एक आदेश जारी कर कहा था कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और लोगों को इस वैश्विक महामारी से बचाने के उद्देश्य से धार्मिक आयोजनों पर रोक लगायी जाती है. इस आदेश को अब भी बरकरार रखा गया है. कहा गया है कि धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी द्वार के अंदर ही भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर सकेंगे. सरकार के इस आदेश के बाद मंदिर में सुबह-शाम पूजा-अर्चना होगी. भगवान को अभी 9 दिन तक डोल मंडप में रहना है.

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने ओड़िशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की सशर्त अनुमति दी है. यह आदेश सिर्फ पुरी के लिए है. देश के दूसरे हिस्सों में निकलने वाली रथ यात्रा के लिए नहीं. पूर्व में (18 जून, 2020 के आदेश में) सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी को देखते हुए पुरी में रथ यात्रा के आयोजन को अनुमति नहीं दी थी.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक याचिका दाखिल कर रथ यात्रा की परंपरा को कायम रखने के लिए यात्रा की अनुमति देने का आग्रह किया था. सोमवार (22 जून, 2020) को सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई हुई और माननीय जज ने रथ यात्रा निकालने की अनुमति दे दी. कहा कि इस दौरान कोरोना के मद्देनजर सभी गाइडलाइंस का पालन करना होगा.

इधर, रांची स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रजभूषण नाथ देव ने झारखंड सरकार के फैसले पर कहा कि 50 लोगों को पूजा में शामिल होने की अनुमति मिली है. मंदिर समिति सरकार के निर्णय का सम्मान करती है. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए यह जरूरी है कि कहीं भी भीड़ न जुटे.

पुजारी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की की शायद यही इच्छा है कि इस बार लोग घर से ही उनकी पूजा-अर्चना करें. उन्होंने कहा कि भक्तों को वक्त की नजाकत को समझना चाहिए. भगवान भाव के भूखे हैं. इसलिए आप जहां हैं, वहीं से उनकी आराधना करिये. आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी. आप भी सुरक्षित रहें, औरों को भी सुरक्षित रहने में मदद करें. ईश्वर अपने भक्तों को संकट में नहीं देखना चाहते.

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पंडित ब्रजभूषण नाथ देव ने कहा कि ईश्वर की मर्जी के बगैर पत्ता भी नहीं हिलता. इसलिए उनकी इच्छा का सबको सम्मान करना चाहिए. यह जो संकट विश्व के सामने मुंह बाये खड़ा है, सब मिलकर भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करें कि यह जल्द से जल्द खत्म हो, ताकि लोगों का जीवन फिर से पटरी पर आ जाये. भक्त फिर अपने भगवान से मिलने के लिए उनके दरबार तक पहुंच सकें.

Posted By : Mithilesh Jha

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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